
रिश्तेदार से विवाद के बाद दर्ज थी एफआईआर
लोकायुक्त एसपी भोपाल दुर्गेश राठौर के अनुसार नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा थाने के तहत ग्राम सतवासा निवासी रेवाराम प्रजापति का अपने रिश्तेदार से विवाद हो गया था, जिस पर उसके खिलाफ थाना सिवनी मालवा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसी केस को खत्म करने के बदले विवेचना कर रहे प्रधान आरक्षक राजेश परते ने 10 हजार की रिश्वत मांगी थी और नहीं देने पर गिरफ्तार करके जेल भेजने की धमकी दे रहा था। रिश्वत के लिए प्रधान आरक्षक लगातार दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर फरियादी रेवाराम प्रजापति ने भोपाल लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की। इस शिकायत का सत्यापन करने पर सही पाई गई।
ट्रैप टीम ने शाम से ही थाने को घेर लिया और पकड़ा
रिश्वत मांगने की पुष्टि के बाद ट्रैप टीम बनाई गई, जिसमें उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह की अगुवाई में निरीक्षक रजनी तिवारी, घनश्याम मर्सकोले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मनोज मांझी, चैतन्य प्रताप सिंह, विनोद मालवीय, गौरव साहू. रविंद्र, यशवंत पटेल आदि थे। ट्रैप टीम ने सिवनी मालवा पहुंच कर रिश्वत अदायगी शाम को थाने में होने के आधार पर शाम से ही थाने की घेराबंदी कर ली। इसके बाद आरोपी हवलदार ने फरियादी से जैसे ही 2200 रुपए की रिश्वत ली, टीम ने थाना परिसर में ही रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई।