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विदिशा के घटबाई गांव में शॉट सर्किट से लगी आग ने किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को किया खाक

  • आक्रोशित किसानों ने किया घंटों चक्काजाम, अफसरों की समझाइश के बाद माने और सड़क से हटे                                                                                                                                                         
  • एसडीएम नटेरन अजय प्रताप पटेल ने मौके पर ही दिए  विद्युत कंपनी के लाइनमैन के निलंबन के निर्देश                                                                                                                                                          
  • विद्युत कंपनी के एई मोहर सिंह मंडलिया ने जर्जर लाइनों की मरम्मत का किसानों को भरोसा दिलाया

नटेरन (विदिशा)। शुक्रवार को नटेरन तहसील के अंतर्गत आने वाले घटबाई गांव में 33 केवी लाइन के टूटे इंसुलेटर से निकली चिंगारी ने किसानों के खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। जिससे पूरी फसल देखते ही देखते खाक हो गई। दमकल के देर से मौके पर पहुंचने से गुस्साए किसानों ने सड़क पर चक्क जाम कर दिया। और जमकर नारेबाजी की। चक्का जाम की सूचना मिलते ही नटेरन एसडीएम मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश देकर किसी तरह शांत कराने के साथ ही लाइनमैन के निलंबन के निर्देश भी दिए।




बिजली कंपनी के महकमे की लापरवाही ले डूबी

किसानों के अनुसार नटेरन तहसील के घटबाई गांव में बिजली विभाग की लापरवाही ने किसानों की साल भर की मेहनत को चंद मिनटों में राख के ढेर में बइल दिया। बताया जाता है कि 33 केवी लाइन के टूटे इंसुलेटर से निकली चिंगारी ने न केवल ऋतिक बघेल जैसे कई किसानों की 10-10 बीघा खड़ी फसल को जलाया, बल्कि प्रशासन के दावों की भी पोल खोल दी। किसानों ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी सुधार नहीं होने से चिंगारी निकली और फसल खाक हो गई।


फायर कर्मियों की फरमाईश-फोटो दिखाओ, फिर बुझाएंगे आग

जब खेतों में आग की लपटें आसमान छू रही थीं, तब मदद के लिए फोन करने पर फायर ब्रिगेड पर तैनात कर्मचारियों का जवाब सुनकर किसानों के पैरों तले जमीन खिसक गई। कर्मचारियों ने दमकल भेजने के बजाय शर्त रख दी कि पहले फोटो.वीडियो भेजो कि आग नरवाई में है या फसल में, तभी गाड़ी आएगी। ्इस संवेदनहीनता के कारण आग विकराल हो गई और किसानों को खुद ही जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाना पड़ा।


ढाई घंटे तक बिफरे किसानों ने किया चक्काजाम

प्रशासनिक देरी और बिजली विभाग की अनदेखी से नाराज किसानों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। करीब ढाई घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा। मौके पर पहुँचे तहसीलदार आनंद जैन और विद्युत विभाग के एई मोहर सिंह मंडलिया की समझाइश का किसानों पर असर नहीं हुआ, वे कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम अजय प्रताप सिंह और विद्युत मंडल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों का गुस्सा शांत कराया।




किसानों के तीखे सवाल, क्या सरकार को ये आग नहीं दिखती

किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा सालों से लाइनमैन से मेंटेनेंस की शिकायत कर रहे हैं, पर कोई सुनने वाला नहीं।हर साल आगजनी होती है, लेकिन प्रशासन किसानों को ही दोषी ठहरा देता है। करोड़ों की फसल दांव पर होती है, फिर भी नटेरन तहसील में एक अदद फायर ब्रिगेड नहीं है।


एसडीएम ने दिए लाइनमैन के निलंबन के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए नटेरन एसडीएम अजय प्रताप सिंह ने तत्काल लाइनमैन के निलंबन के निर्देश दिये। इसके साथ ही एसडीएम पटेल ने किसानों को आश्वस्त किया कि नुकसान का सर्वे कर शत-प्रतिशत मुआवजा और बीमा क्लेम दिलाया जाएगा। नटेरन में स्थाई फायर ब्रिगेड की मांग किसानों ने अधिकारियों के समक्ष रखी। वहीं बिजली विभाग के एई मोहर सिंह मंडलिया ने आश्वासन दिया कि पूरे क्षेत्र की जर्जर लाइनों का जल्द मेंटेनेंस कराया जाएगा।