- रिश्वतखोर प्रभारी राजस्व निरीक्षक ने नक्सा सुधार के बदले 5 हजार रुपए रिश्वत तय करके 1 हजार एडवांस लिए और लोकायुक्त में शिकायत के बाद सत्यापन के दौरान 1 हजार और ले लिए, बाकी 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते घर के सामने ही पकड़ा गया
शिवपुरी। किसान से उसकी जमीन के नक्शा में सुधार करने के बदले में अपने ही घर के सामने ही रिश्वत ले रहे प्रभारी राजस्व निरीक्षक (आरआई) को लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर की टीम ने रंगे हाथों धर-दबोचा है। साथ ही आरआई के काम अटकाने और रिश्वतखोरी को लेकर जांच शुरु हो गई है, ताकि इसमें शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों का खुलासा हो सके।

एक हजार एडवांस में लेकर बकाया रिश्वत मांग रहा था
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर निरंजन शर्मा के कार्यालय में फरियादी किसान ब्रकभान धाकड़ पुत्र प्रहलाद सिंह धाकड़, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम मचाकला देवरी खुर्द, तहसील पोहरी, जिला शिवपुरी ने हाजिर होकर लिखित शिकायत की। फरियादी किसान ने बताया कि उसने अपनी जमीन के नक्शा सुधार के लिए 26 मार्च 2026 को तहसील में आवेदन किया था, जिस पर प्रभारी राजस्व निरीक्षक देवेंद्र जैन ने काम करने के बदले रिश्वत के 5 हजार रुपए मांगें। आरआई देवेंद्र जैन ने दबाव ड़ाला तो किसान ने एक हजार रुपए रिश्वत के एडवांस में दिए। इसके बाद बाकी रिश्वत चुकाने का दबाव था, लेकिन किसान ने रिश्वत देने के बजाय लोकायुक्त में शिकायत कर दी।
रिश्वतखोर को पकड़ने बनाई गई लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप टीम
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर निरंजन शर्मा ने फरियादी किसान की शिकायत का सत्यापन करवाया तो सही पाई गई, इसी सत्यापन के दौरान ही रिश्वतखोतर आरआई ने एक हजार रुपए और रिश्वत के ले लिए। इसके बाद ट्रैप टीम बनाई गई, जिसमें डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह, निरीक्षक बलराम राजावत, निरीक्षक श्रीमति अंजली शर्मा, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र पवैया, जसवंत शर्मा, मनोज कुशवाहा, बलवीर, आरक्षक सुरेन्द्र सेमिल, विनोद शाक्य, राजीव तिवारी, रवि सिंह थे।
शिवपुरी में घर के सामने बेखौफ आरआई ले रहा था रिश्वत
किसान को रिश्वत लेकर आरआई देवेन्द्र जैन ने शिवपुरी स्थित अपने घर बुलाया, तो ट्रैप टीम ने घेराबंदी कर ली। इसके बाद जैसे ही किसान ने 2 हजार रुपए की रिश्वत दी, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने आरोपी आरआई देवेन्द्र जैन पिता अमरचंद जैन, उम्र 60 वर्ष, वर्तमान पदस्थापना- प्रभारी राजस्व निरीक्षक राजस्व वृत पोहरी, शिवपुरी एवं निवासी सिद्धेश्वर कॉलोनी मेला ग्राउंड के सामने शिवपुरी को पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ धारा 7 पीसी एक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
काम अटकाने और रिश्वत लेने की जांच होगी
सूत्रों के अनुसार अब लोकायुक्त पुलिस इस तथ्य की जांच करेगी कि राजस्व निरीक्षक के पास कितने काम अटके पडेÞ थे। साथ ही इन कामों में अन्य कौन-कौन शामिल रहता था। आखिर क्यों देरी के बाद भी सीनियर लेवल पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी की कुंडली बनाई जाकर पूछताछ होगी।
लंबित कामों और देरी के जिम्मेदारों की जांच होगी
आरआई के पास लंबित कामों के साथ ही पूर्व में महीनों तक लंबित रहने वाले कामों की भी जांच होगी। साथ ही देरी होने पर भी कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों से भी जानकारी ली जाएगी। आरोपी आरआई की संपत्ति की भी छानबीन के निर्देश दिए गए हैं।
-निरंजन शर्मा, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर