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साम्राज्यवाद के प्रतिरोध हेतु प्रेरक है भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का क्रान्तिकारी चिंतन

  • शहादत दिवस: भोपाल के इतवारा इलाके में भाकपा ने साम्राज्यवाद विरोधी दिवस मनाया
  • गगनभेदी नारों के साथ अमेरिकी तानाशाही के खिलाफ एकजुट होने की अपील की गई

भोपाल। महान क्रान्तिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया।

भाकपा के देश व्यापी आव्हान के तहत भोपाल में 23 मार्च को इतवारा क्षेत्र में आयोजित प्रदर्शन में भगत सिंह की शहादत को लाल सलाम, इंकलाब जिदाबाद, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, पूंजीवाद मुर्दाबाद के गगनभेदी नारों के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।





इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने कहा कि महान क्रान्तिकारी शहीद भगत सिंह की शहादत का मकसद सिर्फ़ भारत की आजादी तक ही सीमित नहीं था, भगत सिंह भारत की जनता की साम्राज्यवाद और पूंजीवाद के शोषण _तन्त्र से भी मुक्ति चाहते थे। भगत सिंह के इन्कलाब का अर्थ साम्राज्यवाद और पूंजीवाद के खिलाफ जनता को एकजुट करना भी था।  वर्तमान में अमेरिकी साम्राज्यवाद और राष्ट्रपति ट्रम्प की तानाशाही से सारी दुनिया त्रस्त है, ऐसे संकट के समय में साम्राज्यवाद का प्रतिरोध करने और इसके खिलाफ जनता को लामबंद करने हेतु भगत सिंह का क्रान्तिकारी चिंतन प्रेरक और अविस्मरणीय है। साम्राज्यवाद का प्रतिरोध करना भगत सिंह को सार्थक श्रद्धांजलि है।

एटक मध्य प्रदेश के महासचिव कॉमरेड शिवशंकर मौर्य ने अमेरिकी साम्राज्यवाद का मोहरा बनी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की फासीवादी प्रवृत्तियों का उल्लेख कर इसका कड़ा प्रतिरोध करने की अपील की। कॉमरेड बालकृष्ण नामदेव ने भगत सिंह के क्रान्तिकारी विचारों की प्रासंगिकता को प्रतिपादित किया।

भाकपा के प्रदर्शन में फिदा हुसैन, लाखन सिंह रघुवंशी, नवाब उद्दीन, महफूज अल्तमश, इब्राहिम, शेर सिंह, जितेन्द्र, जब्बार भाई, सईद खान, जमुना प्रसाद, शकील, लाल सिंह चड्ढा, दीपक सहित बड़ी संख्या में मजदूर, कामगार और स्थानीय लोग शामिल हुए।