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आत्महत्या के मामले में नहीं फंसाने के बदले दो किश्तों में रिश्वत वसूलने वाले अंजड थाना के उपनिरीक्षक और आरक्षक पर एफआईआर दर्ज

  • कर्जदारों से परेशान व्यापारी की सालभर पूर्व हुई आत्महत्या मामले की जांच में कई व्यापारियों के नामों का खुलासा होने के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

अंजड/ बड़वानी।   कर्जदारों की प्रताड़ना से मानसिक दबाव में आए बड़वानी जिले के अंजड़ के एक व्यापारी ने करीब सालभर पहले आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व व्यापारी ने अपने सुसाइड नोट में करीब दर्जनभर सूदखोरों के नाम लिखे थे, जिनकी प्रताड़ना के कारण उसको जान देनी पड़ी। इसी मामले की जांच करने वाले अंजड़ थाने के उपनिरीक्षक और आरक्षक को सुसाइड नोट में उल्लेखित एक व्यापारी को क्लीन चिट देने के बदले रिश्वत लेने पर लोकायुक्त पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। दूसरी ओर, रिश्वत कांड से सुर्खियों में आए व्यापारी भारत बर्फा के सुसाइड केस की जांच जल्द पूरी होकर एफआईआर की तैयारी हो गई है।



दरअसल इस मामले की शुरुआत ऐसे हुई कि लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर कार्यालय में फरियादी ज्वेलर्स जयराज चौधरी ने शिकायत की। इसमें बताया गया कि एक साल पूर्व भारत बर्फा की आत्महत्या मामले में फंसाने की धमकी देकर जांचकर्ता उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति ने पहली किश्त में 15 हजार रुपए की रिश्वत ली। इसके बाद बाकी 15 हजार रुपए की वसूली के लिए दबाव बना रहे थे। इस शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त की ट्रैप टीम ने डीएसपी सुनील तालान की अगुवाई में अंजड़ पहुंचकर घेराबंदी कर ली। हालांकि फरियादी की जल्दबाजी और संदिग्ध बर्ताव से रिश्वत लेने आ रहे पुलिस वाले चौकन्ने हो गए। नतीजे में काफी इंतजार के बाद भी आरक्षक पवन प्रजापति नहीं आया।


लाकडाउन में बर्बाद हो गया था सुसाइड करने वाला व्यापारी

पुलिस की जांच में सामने आया है कि आत्महत्या करने वाला व्यापारी भारत बर्फा का किराना स्टोर था, जिससे उसके परिवार का पालन पोषण होता था। कोरोना महामारी के कारण लाकडाउन के दौरान लगातार किराना स्टोर बंद रहने से व्यापारी की आर्थिक कमर टूट गई। ऐसे में कारोबार के लिए जो कर्जा लिया था, उसको चुका नहीं सका। दूसरी ओर, सूदखोर व्यापारियों ने अपने पैसे के लिए भारत बर्फा को परेशान करना शुरु कर दिया। इससे आजिज होकर भारत बर्फा ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी।


भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दर्ज की गई एफआईआर

लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने पूर्व से मोबाइल रिकार्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अंजड थाना के आरक्षक पवन प्रजापति और उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल के खिलाफ 15 हजार रुपए की रिश्वत लेने के बाद फिर से 15 हजार रुपए की रिश्वत की मांग पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक फरियादी व्यापारी जयराज चौधरी का नाम सुसाइड नोट में होने से ही जांचकर्ता पुलिस टीम रिश्वत मांग रही थी।


भारत बर्फा सुसाइड केस में जल्द एफआईआर के आसार

सूत्रों की माने तो सालभर से कारोबारी भारत बर्फा की आत्महत्या मामले की अंजड़ थाना पुलिस जांच ही कर रही है। इस दौरान मृतक कारोबारी के सुसाइड नोट में करीब दर्जनभर कारोबारियों और सूदखोरों के नाम होने से पुलिस ने पूछताछ की है। साथ ही मृतक कारोबारी के परिवार और अन्य लोगों से भी कई बार पूछताछ की है। बावजूद सालभर से मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो पा रही है।

अब रिश्वतकांड के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में है। मृतक के परिजन और अंजड़वासियों की ओर से सुसाइड मामले की जांच पूरी करके सुसाइड नोट में दर्शाए सूदखोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जेल भेजने की मांग जोर पकडती जा रही है।

दूसरी ओर, पुलिस महकमे में भी उच्च स्तर पर इस मामले को लेकर गहरी नाराजगी है, क्योंकि आरोपों के घेरे में आने वाले एक व्यापारी ने ही लोकायुक्त को शिकायत की है। अगर जांच होकर एफआईआर हो जाती तो ऐसी नौबत ही नहीं आती।


आत्महत्या मामले में जल्द दर्ज होगी एफआईआर

आत्महत्या मामले में सुसाइड नोट में लिखे गए सूदखोरों के नामों की जांच लंबित होने का परीक्षण किया जाकर जल्द एफआईआर की प्रक्रिया होगी। ताकि जोकि भी भारत बर्फा की सुसाइड के लिए जिम्मेदार हैं, उन आरोपियों को कानून के मुताबिक सजा दिलवाई जा सके। साथ ही इस मामले को लंबित रखने के लिए दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

-पदमविलोचन शुक्ला, पुलिस अधीक्षक, जिला बडवानी

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