- मछली ठेके को लेकर झालावाड़ जिले में आरोपियों ने नाव सवार मुख्तार मलिक पर बरसाई थी ताबड़तोड़ गोलियां
- गोली लगने से भोपाल निवासी कमल की मौत हो गई थी, मुख्तार घायल हालत में मौके से फरार हो गया था
- गैंगस्टर मलिक का खास गुर्गा विक्की वाहिद घायल मुख्तार को मजार के पास छोड़कर आधी रात में गायब हो गया था
- घायल मुख्तार मलिक को जंगल से पकड़ने के बाद पुलिस ले गई झालावाड जिला अस्पताल, कुछ ही देर में हो गई थी मौत
झालावाड़ (राजस्थान)। पांच साल पूर्व मछली ठेके को लेकर गैंगस्टर मुख्तार मलिक और एक अन्य की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, झालावाड़ नरेन्द्र मीणा ने फैसला सुनाते हुए 11 आरोपियों को अजीवन कारावास और एक आरोपी को 5 साल कैद की सजा से दंडित किया है। वहीं 2 अन्य आरोपियों को सन्देह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।

एडीजे कोर्ट झालावाड़ के अपर लोग अभियोजक विनोद गोचर ने बताया कि गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड के मामले में 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, वही एक आरोपी को 5 साल ओर 2 आरोपियों को सन्देह का लाभ देकर बरी कर दिया गया है। इस मामले में राजस्थान सरकार की ओर से 44 गवाह सहित 94 दस्तावेज बतौर सबूत पेश किए गए। इनके आधार पर जिला सत्र न्यायालय ने मुलजिमान को हत्या के आरोप का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया।
मुख्तार के चौकीदार के भाई के आवेदन पर दर्ज हुई एफआईआर
इसकी रिपोर्ट 2 जून 2022 को फरियादी जुगलकिशोर मीणा पुत्र नन्दकिशोर मीणा निवासी मकान नं 487 शिवनगर आनन्द नगर भोपाल, थाना पिपलानी, जिला भोपाल ने झालावाड़ के असनावर अस्प्ताल में एक प्रार्थना पत्र पुलिस को दिया था। इसमें बताया कि हम दो भाई है। मेरे से बडा भाई कमल किशोर है, मेरा भाई कमल किशोर मछली ठेकेदार व्यापारी मुख्तियार मलिक निवासी भोपाल के यहां झालावाड कालीसिंध डेम पर मछली और डैम की चौकीदारी का काम करता था। करीब 7-8 दिन पहले कमल किशोर डैम पर काम करने के लिए मुख्तियार मलिक के पास कालीसिंध डेम झालावाड आया हुआ था। मुख्तियार मलिक के पास भीमसागर डेम का भी मछली पकड़ने का ठेका है।

31 मई 2022 की रात को अब्दुल बंटी गिरोह ने किया हमला
वारदात की रात 31 मई 2022 को मुख्तियार मलिक के साथ कमल किशोर और शफीक मोहम्मद रीछवा, शकील मोहम्मद रीछवा, सलमान रीछवा, विजय कुमार रीछवा, अखलाक खां, गोविन्दा, शोयब हुसैन झालावाड तथा 2-3 और भी आदमी नाव से भीमसागर डैम की चौकीदारी और निगरानी के लिए आए थे। यह सभी गश्त करते हुए रात करीब 1 से 2 बजे के बीच कांसखेडली गांव के पास पानी में पहुंचे। जहां पहले से घात लगाकर बैठे आरोपी अब्दुल बंटी पुत्र अब्दुल हफीज कांसखेडली के साथ वसीम अहमद राजा पुत्र अब्दुल हकीम निवासी किशनपुरा आंतरी और उसके साथ 8-10 अन्य लोगो ने मुख्तियार मलिक और कमल किशोर के साथ ही बाकी लोगों पर जान से मारने के लिए बंदूकों से गोलियां बरसाने लगे।
कमल की मौके पर मौत, मुख्तार और विक्की भाग निकले
अब्दुल बंटी गिरोह की अंधाधुंध फायरिंग में एक गोली कमल किशोर को लगी, जिससे वह नाव से पानी में जा गिरा। उसकी कुछ ही देर में वहीं मौत हो गई। वहीं मुख्तार मलिक को पैर में गोली लगी थी। साथ वालों को कुछ छर्रे लगे। इसके बाद मुख्तार और विक्की वाहिद वहां से कूद कर भाग निकले। गोलियां चलने से वहां भगदड़ मच गई थी। सब जान बचाने यहां-वहां भागने लगे।

मुख्तार मलिक जंगल में घायल मिला, अस्पताल में हुई मौत
सुबह होने पर कमल किशोर का भाई जुगल किशोर मीणा वहां पहुंचा। वहां से कमल किशोर की डेड बॉडी को असनावर अस्पताल लाया जाकर मोर्चुरी में रखवाया गया। इसके बाद पुलिस थाना असनावर में मर्ग कायम करके पुलिस ने जांच शुरु की। दूसरी ओर, घायल मुख्तार मलिक को पुलिस टीम ने जंगल में घायल हालत में पकड़ा और झालावाड़ अस्पताल लेकर पहुंची। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद डिहाईडेशन से मौत होने की पुष्टि की। हालांकि मुख्तार का खास गुर्गा विक्की वाहिद भी साथ में था, लेकिन झालावाड़ के पास एक मजार तक मुख्तार के साथ रहा और फिर मुख्तार को अकेला छोड़कर खिसक गया था।