- रायसेन जिले के उदयपुरा बस स्टैंड का सीसी वर्क और सडक निर्माण करने वाले ठेकेदार जयंत चतुर्वेदी की शिकायत पर लोकायुक्त भोपाल की पुलिस टीम ने 6 नंबर स्टाप भोपाल के हाकर्स कार्नर के पास उदयपुरा नगर परिषद के उपयंत्री दीपांशु पटेरिया को रंगे हाथों पकड़ा
उदयपुरा / भोपाल। सीसी वर्क और सड़क निर्माण करने वाले नवीन बिल्डकान के संचालक ठेकेदार की एसडी (सिक्योरिटी डिपाजिट) रिलीज करने के साथ ही कार्य अनुभव प्रमाण पत्र देने के बदले 5 लाख रुपए रिश्वत की पहली किश्त के 2 लाख रुपए ले रहे रायसेन जिले की उदयपुरा नगर परिषद के उपयंत्री दीपांशु पटेरिया को भोपाल के 6 नंबर स्टाप के हॉकर्स कार्नर के पास से लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त ने सबइंजीनियर पटेरिया के साथ ही रिश्वत मांगने में शामिल नगर परिषद के बाबू शंकर साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
नवीन बिल्डकान के संचालक ठेकेदार जयंत चतुर्वेदी निवासी गुड शेफर्ड कॉलोनी, कोलार रोड, भोपाल ने 5 लाख रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल दुर्गेश राठौर से की। शिकायतकर्ता चतुर्वेदी ने बताया कि उनकी फर्म नवीन बिल्डकॉम ने रायसेन जिले के उदयपुरा नगर परिषद का ठेका मिलने के बाद उदयपुरा बस स्टैंड के पास सीसी वर्क और सड़क निर्माण किया था। इसके लिए ठेकेदार चतुर्वेदी की दो सिक्योरिटी डिपाजिट नगर परिषद उदयपुरा में जमा थीं, जिनको रिलीज कराने के साथ ही अनुभव प्रमाण पत्र देने के बदले उपयंत्री दीपांशु पटेरिया और परिषद के बाबू शंकर साहू ने 5 लाख की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद किश्तों में रिश्वत लेने को तैयार हो गए, जिसकी पहली किश्त 2 लाख रुपए देने का दबाव था।
शिकायत का सत्यापन होते ही ट्रैप दल रवाना किया गया
रिश्वत मांगने की इस शिकायत का एसपी दुर्गेश राठौर ने सत्यापन करवाया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद रिश्वतखोर को पकड़ने ट्रैप दल बनाया गया, जिसमें उप पुलिस अधीक्षक अजय मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, निरीक्षक रजनी तिवारी, निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले, प्रधान आरक्षक नेहा परदेसी, प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, आरक्षक मनमोहन साहू, आरक्षक रविंद्र शर्मा, आरक्षक मनोज मांझी, आरक्षक चैतन्य प्रताप सिंह शामिल थे। इस ट्रैप दल को मंगलवार को रवाना किया गया।
हाकर्स कार्नर के पास रिश्वत लेते की पकड़ा गया
लोकायुक्त टीम ने 6 नंबर पर सामाजिक संचालनालय के रास्ते पर घेराबंदी की। दरअसल सब इंजीनियर पटेरिया किसी काम से 6 नंबर स्थित नगरीय संचालनालय तक आया था, ऐसे में उसने फोन करके जयंत चतुर्वेदी को वहीं रिश्वत देने के लिए बुलाया। इसके बाद शाम करीब 5 से 6 बजे ठेकेदार जयंत चतुर्वेदी ने वहां पहुंचकर जैसे ही रिश्वत की पहली किश्त 2 लाख रुपए दी, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उपयंत्री दीपांशु पटेरिया, नगर परिषद उदयपुरा को रंगे हाथों पक ड़ लिया। इसके बाद उपयंत्री पटेरिया के साथ ही रिश्वत मांगने में शामिल बाबू शंकर साहू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7, 12 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-61 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की गई।
