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इंंदौर के खालवा ब्लॉक की महिला बाल विकास पर्यवेक्षक 50 हजार रिश्वत की पहली किश्त 4 हजार रुपए लेते हुए पकड़ी गई

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के बाद 50 हजार की रिश्वत मांगने और बातचीत के बाद किश्तों में रिश्वत लेने पर बनी सहमति
  • पहली किश्त 4 हजार रुपए की लेते हुए ग्राम पंचायत रोशनी कार्यालय में महिला पर्यवेक्षक को लोकायुक्त इंदौर की पुलिस टीम ने पकड़ा

इंदौर।
मध्यप्रदेश में रिश्वत लेने के मामले में महिलाएं भी अब कमतर साबित नही हो रही हैं। ऐसा ही मामला इंदौर के खालवा ब्लॉक में सामने आया, जहां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के बाद 50 हजार रुपए की रिश्वत पहली किश्त में 4 हजार रुपए लेते हुए रोशनी ग्राम पंचायत की महिला बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक को लोकायुक्त इंदौर की पुलिस टीम ने रंगे हाथों धर-दबोचा।



ग्राम पलासपुर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मांगी गंई थी 50 हजार रिश्वत

रिश्वत मांगने की शिकायत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किरन वाड़िबा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पलासपुर, ब्लॉक खालवा ने लोकायुक्त इंदौर पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। शिकायत में बताया गया कि श्रीमती किरन बाडिबा की नियुक्ति आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर होने के बाद से ही श्रीमती संतोष कोचले पर्यवेक्षक महिला बाल विकास खालवा उस पर 50 हजार रुपए की रिश्वत देने का दबाव बना रही थी। रिश्वत नहीं देने पर धमकी दी थी कि नौकरी नहीं कर सकेगी। इस पर मिन्नतें करने पर महिला पर्यवेक्षक किश्तों में रिश्वत पर तैयार हो गई। इसके बाद पहली किश्त 4 हजार रुपए देना तय हुआ।

किश्तों में रिश्वत मांगने की शिकायत सही होने पर बनाई गई ट्रैप टीम

पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर राजेश सहाय ने महिला पर्यवेक्षक द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद रिश्वतखोर को पकड़ने के लिए ट्रैप टीम बनाई गई। इसमें कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर, कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक शैलेंद्र सिंह बघेल, आरक्षक चेतन सिंह परिहार, आरक्षक कृष्णा अहिरवार, महिला आरक्षक प्रियंका लोधी एवं अनीता प्रजापति को शामिल थे।

ग्राम पंचायत कार्यालय में ही रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला पर्यवेक्षक

लोकायुक्त ट्रैप टीम ने खालवा ब्लॉक की रोशनी ग्राम पंचायत की घेराबंदी की, क्योंकि यहीं पर महिला पर्यवेक्षक रिश्वत लेने वाली थी। इसके बाद जैसे ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किरन वाडिबा से महिला पर्यवेक्षक श्रीमती संतोष कोचले सेक्टर -लखनपुर बंदी ने 4 हजार रुपए की रिश्वत ली, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने धर-दबोचा। इसके बाद हाथ धुलवाते ही लाल हो गए। इसके बाद महिला पर्यवेक्षक संतोष कोचले के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की गई।



रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त इंदौर कार्यालय में करें

लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। आमजन से अपील है की कोई अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष पर भी सम्पर्क कर सकते है।

कार्यालय पुलिस अधीक्षक,

विशेष पुलिस स्थापना,

लोकायुक्त कार्यालय इंदौर संभाग इंदौर

पता- मोती बंगला,

एम.जी. रोड इंदौर-452007

दूरभाष- 0731-2533160

              0731-2430100