- प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित सिविल सेवा समारोह- 2026 में किया गया सम्मानित
भोपाल/ देवास। मध्यप्रदेश पुलिस के लिए यह एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि जिला देवास पुलिस द्वारा संचालित सामुदायिक पुलिसिंग आधारित नवाचार पहल पुलिस चौपाल को वर्ष 2025 के लिए सीएम एक्सीलेंस (इनोवेशन) अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान आज 21 अप्रैल को आयोजित सिविल सेवा दिवस के अवसर पर आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग), प्रशासन अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न सेवाओं के वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारी उपस्थित रहे।
एसपी पुनीत गेहलोद और प्रधान आरक्षक शिवप्रताप सिंह सेंगर को सम्मान
एसपी पुनीत गेहलोद और प्रधान आरक्षक शिवप्रताप सिंह सेंगर को सम्मान
सीएम एक्सीलेंस अवार्ड के अंतर्गत विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट नवाचारों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में देवास पुलिस की पहल सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने हेतु पुलिस चौपाल अभियान को नागरिक सेवा प्रदाय, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुशासन श्रेणी में चयनित किया गया। इस उपलब्धि के लिए पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत एवं प्रधान आरक्षक शिवप्रताप सिंह सेंगर (क्रमांक 770) को संयुक्त रूप से 1 एक लाख रूपए की राशि, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जन सहभागिता आधारित स्मार्ट पुलिसिंग का प्रभावी माडल
देवास पुलिस की पुलिस चौपाल पहल जन सहभागिता आधारित स्मार्ट पुलिसिंग का एक प्रभावी मॉडल है, जिसने न केवल अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं, बल्कि पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहभागिता को भी सुदृढ़ किया है।
देवास पुलिस की पुलिस चौपाल पहल जन सहभागिता आधारित स्मार्ट पुलिसिंग का एक प्रभावी मॉडल है, जिसने न केवल अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं, बल्कि पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहभागिता को भी सुदृढ़ किया है।
अब तक 2807 पुलिस चौपालों में 94 हजार नागरिक जुडे
पुलिस चौपाल पहल के अंतर्गत 01 नवम्बर 2024 से 28 फरवरी 2026 की अवधि में देवास पुलिस द्वारा व्यापक जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान संचालित किया गया, जिसके तहत कुल 2807 पुलिस चौपालों का आयोजन कर लगभग 94 हजार 393 नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया। आॅपरेशन त्रिनेत्रम के माध्यम से लगभग 10 हजार उउळश् कैमरों की स्थापना कर 46 ग्राम पंचायत एवं 2 नगर पंचायतों को पूर्ण उउळश् कवरेज में लाया गया, जिससे सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ किया गया।
सायबर अपराधों के नियंत्रण ओर राशि वापसी का रिकार्ड
सायबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में भी इस पहल के उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। पुलिस चौपालों के माध्यम से सायबर जागरूकता अभियान चलाकर 214 संभावित डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को रोका गया तथा सायबर फ्रॉड में खोई हुई राशि में से लगभग 2 करोड़ 14 लाख रूपए की वापसी सुनिश्चित की गई। साथ ही डिजिटल कम्युनिटी नेटवर्क को सशक्त करते हुए प्रत्येक ग्राम स्तर पर लगभग 1100 व्हाट्सएप समूहों का गठन किया गया, जिनसे लगभग 22 हजार युवाओं को जोड़ा गया, जिससे अपराधों के त्वरित अनावरण में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।
हत्या सहित महिला अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी
पुलिस चौपाल पहल के सकारात्मक प्रभाव से जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही चोरी के मामलों में भी गिरावट आई है, जबकि संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकवरी दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। समारोह का समापन मध्यप्रदेश पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की गरिमामयी प्रस्तुति के साथ हुआ।
पुलिस चौपाल पहल के अंतर्गत 01 नवम्बर 2024 से 28 फरवरी 2026 की अवधि में देवास पुलिस द्वारा व्यापक जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान संचालित किया गया, जिसके तहत कुल 2807 पुलिस चौपालों का आयोजन कर लगभग 94 हजार 393 नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया। आॅपरेशन त्रिनेत्रम के माध्यम से लगभग 10 हजार उउळश् कैमरों की स्थापना कर 46 ग्राम पंचायत एवं 2 नगर पंचायतों को पूर्ण उउळश् कवरेज में लाया गया, जिससे सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ किया गया।
सायबर अपराधों के नियंत्रण ओर राशि वापसी का रिकार्ड
सायबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में भी इस पहल के उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। पुलिस चौपालों के माध्यम से सायबर जागरूकता अभियान चलाकर 214 संभावित डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को रोका गया तथा सायबर फ्रॉड में खोई हुई राशि में से लगभग 2 करोड़ 14 लाख रूपए की वापसी सुनिश्चित की गई। साथ ही डिजिटल कम्युनिटी नेटवर्क को सशक्त करते हुए प्रत्येक ग्राम स्तर पर लगभग 1100 व्हाट्सएप समूहों का गठन किया गया, जिनसे लगभग 22 हजार युवाओं को जोड़ा गया, जिससे अपराधों के त्वरित अनावरण में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।
हत्या सहित महिला अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी
पुलिस चौपाल पहल के सकारात्मक प्रभाव से जिले में हत्या, हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही चोरी के मामलों में भी गिरावट आई है, जबकि संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकवरी दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। समारोह का समापन मध्यप्रदेश पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की गरिमामयी प्रस्तुति के साथ हुआ।
संकल्पना है कि पुलिस सुख में पहुंचे तो दुख नहीं होंगे
पुलिस चौपाल की संकल्पना यही है कि पुलिस सिर्फ अपराध होने, दुख होने या हादसा होने पर ही नहीं आएगी, बल्कि अच्छे-भले में आएगी और चर्चा करेगी। इससे संवाद के साथ ही आपसी विश्वास और समन्वय बनता है। इसी से अपराध होने से पहले ही खबर मिल जाती है, जिससे अंकुश लगा पाते हैं। इसी तरह लोकल इनपुट से अपराधियों का पता लगाने में भी मदद मिलती है।
-पुनीत गेहलोद, पुलिस अधीक्षक, जिला देवास



