- मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा पेंशन पेंशनर्स एसोसिएशन का वार्षिकोत्सव राजधानी के वृंदावन गार्डन में हर्ष उल्लास के साथ हुआ संपन्न
- मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और विशिष्ट अतिथि विशेष पुलिस महानिदेशक कल्याण अनिल कुमार ने किया संबोधित
- दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि से प्रारंभ होकर नए सदस्यों का स्वागत किया गया, संगठन के वित्त सचिव ने वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया
- 75, 80, 85 और 90 एवं 90 वर्ष से ज्यादा आयु पूर्ण करने वाले सदस्यों और संगठन के वर्षभर कार्यक्रमों में सहयोगियों का किया सम्मान
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के संगठन द्वारा 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह भोपाल के नर्मदापुरम रोड स्थित वृंदावन गार्डन में आयोजित किया गया। इसके मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और विशिष्ट अतिथि विशेष पुलिस महानिदेशक कल्याण अनिल कुमार थे।

इस अवसर पर डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण की भावना जीवनभर बनी रहती है। उन्होंने राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिकारियों को विभाग की सुदृढ़ नींव बताते कहा कि उनके अनुभव, कार्यशैली और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है।
डीजीपी मकवाणा ने कहा कि विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुभवों को संरक्षित कर उनका संस्थागत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। पेंशनर्स के साथ सतत संवाद, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण, थाना एवं इकाई स्तर पर बेहतर समन्वय तथा एक समर्पित हेल्प सिस्टम विकसित किया जा रहा है। साथ ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म/ पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुन: रोजगार, सुरक्षा सेवाओं एवं परामर्शदात्री भूमिकाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे उनकी सक्रिय भागीदारी निरंतर बनी रहे।
उन्होंने पेंशनर्स की सुविधा हेतु बैंकिंग लाभ, दुर्घटना सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी एवं समन्वय तंत्र को और सुदृढ़ करने की बात कही, ताकि प्रत्येक सेवानिवृत्त अधिकारी तक समय पर सहायता और सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

डीजीपी मकवाणा ने पुलिस वेलफेयर को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि पुलिस परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा, आपात सहायता और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सा सहायता, आकस्मिक सहायता, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से पुलिस परिवारों को व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
डीजीपी मकवाणा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस परिवार के बच्चे शिक्षा एवं विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग का गौरव बढ़ा रहे हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है।
डीजीपी मकवाणा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस परिवार के बच्चे शिक्षा एवं विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग का गौरव बढ़ा रहे हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है।

आरक्षक से एएसआई स्तर तक के पुत्र-पुत्री का होता है सम्मान
संगठन के सचिव नरेंद्र सक्सेना ने बताया कि संगठन द्वारा पुलिस आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों अधिकारियों के पुत्र पुत्री को भी सम्मानित किया जाता है, जिनके द्वारा अपनी शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया हो। मध्य प्रदेश के सभी इकाइयों से ऐसे पुत्र पुत्री की जानकारी प्राप्त कर उन सभी को पालकों सहित भोपाल में पुलिस महानिदेशक के द्वारा सम्मानित कराया जाता है। साथ ही संस्था के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री शंभू नाथ जी शर्मा की स्मृति में 10000 रुपए की प्रोत्साहन राशि उनके पुत्रों राम नाथ शर्मा और श्याम नाथ शर्मा के सहयोग से प्रदान की जाती है ।

संगठन अध्यक्ष कुंजबिहारी शर्मा ने दी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी
संगठन के अध्यक्ष कुंजबिहारी शर्मा ने चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही यह मांग की गई कि पुलिस के सेवानिवृत अधिकारी के लिए राज्य सरकार द्वारा पुलिस हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के समान कोई स्कीम चलाई जाए जिससे सेवानिवृत्ति के पश्चात भी उनके स्वास्थ्य की रक्षा कैशलेस प्रणाली से हो सके। अन्य विभागों की तुलना में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी ज्यादा तनाव के माहौल में कार्यरत रहते हैं। अत: सेवानिवृत्ति के पश्चात उनके स्वास्थ्य रक्षण की प्रणाली होना आवश्यक है।

केंद्र के समान पदों के रैंक के ग्रेड-पे से कम है मध्यप्रदेश में
पुलिस के सिपाही एवं अन्य रैंक के अधिकारी गणों का छठे वेतन आयोग के हिसाब से जो ग्रेड पे दिया जा रहा है वह भारत सरकार के समान पदों पर प्राप्त होने वाले रैंक के ग्रेड पे से कम है। ऐसे में जब कार्य समान है तो समान वेतन मिलना चाहिए। यह मांग करते हुए संगठन ने भारत सरकार के बराबर ग्रेड पे आरक्षक, प्रधान आरक्षक आदि सभी रैंक के अधिकारियों को दिए जाने की मांग की। साथ ही ऐसा तंत्र विकसित करने की भी मांग की जिससे पुलिस के सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारियों को जीवन में आने वाली पुलिस संबंधी समस्याओं की सुनवाई प्राथमिक तौर पर और संवेदनशीलता पूर्वक की जा सके।

वार्षिकोत्सव में शामिल रहे प्रदेशभर से प्रतिनिधि
वार्षिक उत्सव में सेंट्रल एंड आॅल इंडिया सर्विसेज पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त महानिदेशक नरेंद्र प्रसाद एवं पुलिस पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त महानिदेशक जीपी दुबे विशेष तौर पर उपस्थित हुए। इसके अतिरिक्त संगठन के उपाध्यक्ष सलीम खान, सचिव नरेंद्र सक्सेना, सह सचिव एसके पंथी, वित्त सचिव मोहित वरवंडकर एवं कार्यकारिणी के सदस्यों गिरीश बोहरे, जवाहर पटले, नवीन अवस्थी, प्रशांत शर्मा, डीपी जुगादे एवं मीडिया प्रभारी शंभू नाथ मुखर्जी के अतिरिक्त बड़ी संख्या में उप पुलिस अधीक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर तक के राज्य पुलिस सेवा संघ के सदस्यों एवं पारिवारिक जनों के द्वारा बड़ी संख्या में भाग लिया गया।