मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि बिजली कम्पनियों ने उपभोक्ताओं को लूटने के लिए यह चोर दरवाजा भाजपा की प्रदेश सरकार के संरक्षण में निकाला है l इसे चोर दरवाजा इसलिए कहा जाएगा क्योंकि 4 अप्रैल को ही बिजली कम्पनियों ने बिजली की दरों मे 4.86 फीसद की वृद्धि की थी l अब यदि सरचार्ज और और बिजली दरों की वृद्धि को जोड़ लिया जाए तो यह वृद्धि 10.22 प्रतिशत हो जाती है I उल्लेखनीय है कि बिजली कम्पनियों ने विद्युत नियामक आयोग को 10 फीसद की वृद्धि का ही प्रस्ताव दिया था l मगर भाजपा सरकार जानती थी कि एक साथ दस प्रतिशत की वृद्धि उपभोक्ताओं में सरकार के प्रति आक्रोश पैदा कर सकती है l इसलिए सिर्फ 4.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गयी थी l वैसे भी एक साथ दस प्रतिशत वृद्धि कभी नहीं हुई है l
माकपा नेता ने कहा है कि भाजपा सरकार की मिलीभगत से सिर्फ 20 दिन हुई वृद्धि 10 फीसद प्रस्तावित वृद्धि को भी पार कर गई है l इससे साफ हो गया है कि भाजपा और उसकी सरकार उपभोक्ताओं की नहीं बल्कि बिजली कम्पनियों की सगी है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी चोर दरवाजे से उपभोक्ताओं पर डाले गए बोझ का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग करती है l
माकपा नेता ने कहा है कि भाजपा सरकार की मिलीभगत से सिर्फ 20 दिन हुई वृद्धि 10 फीसद प्रस्तावित वृद्धि को भी पार कर गई है l इससे साफ हो गया है कि भाजपा और उसकी सरकार उपभोक्ताओं की नहीं बल्कि बिजली कम्पनियों की सगी है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी चोर दरवाजे से उपभोक्ताओं पर डाले गए बोझ का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग करती है l
