- मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद ने पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर को सौपा ज्ञापन
भोपाल। मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद ने प्रदेश की समस्त वक्फ संपत्तियों—मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान आदि—के प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौड़ को ज्ञापन सौंपा है। परिषद ने वक्फ अधिनियम एवं पूर्व में हुए सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर मुतवल्ली एवं मुतवल्ली समितियों के गठन को विधिसम्मत एवं पारदर्शी बनाने की मांग की है।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद माहिर की उपस्थिति मे प्रदेश महामंत्री शोएब राजा ने बताया कि लगभग 40 वर्ष पूर्व प्रदेश में वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट राज्य शासन एवं वक्फ बोर्ड को प्रस्तुत की जा चुकी है तथा राजपत्र में प्रकाशन भी हो चुका है। इस रिपोर्ट में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, मुतवल्ली नियुक्ति एवं समिति गठन की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से निर्धारित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दशकों से वक्फ अधिनियम एवं सर्वेक्षण रिपोर्ट के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। विभिन्न समयों में गठित वक्फ बोर्डों द्वारा राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते नियमों के विरुद्ध मुतवल्ली एवं समितियों की नियुक्तियां की जाती रही हैं, जिससे पारदर्शिता की कमी, स्थानीय समुदाय की उपेक्षा तथा वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग की शिकायतें बढ़ी हैं।
मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद ने मांग की है कि प्रदेश के सभी वक्फों में मुतवल्ली एवं समितियों का गठन सर्वेक्षण रिपोर्ट एवं वक्फ अधिनियम के अनुसार केवल निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाए। जहां पारंपरिक रूप से स्थानीय समाज, जमात या ग्रामवासियों द्वारा चयन की व्यवस्था है, वहां लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव सुनिश्चित किया जाए।
परिषद ने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाए।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद माहिर एवं महामंत्री शोएब राजा खान ने कहा कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो समाज के हित में आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी इस अवसर पर परिषद के प्रदेश महामंत्री नसीमुद्दीन खान भोपाल एंव कार्यालय सचिव शमीम हयात भोपाल एवं अन्य पदाधिकारीगण की गरिमामय उपस्थित रही!
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दशकों से वक्फ अधिनियम एवं सर्वेक्षण रिपोर्ट के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। विभिन्न समयों में गठित वक्फ बोर्डों द्वारा राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते नियमों के विरुद्ध मुतवल्ली एवं समितियों की नियुक्तियां की जाती रही हैं, जिससे पारदर्शिता की कमी, स्थानीय समुदाय की उपेक्षा तथा वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग की शिकायतें बढ़ी हैं।
मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद ने मांग की है कि प्रदेश के सभी वक्फों में मुतवल्ली एवं समितियों का गठन सर्वेक्षण रिपोर्ट एवं वक्फ अधिनियम के अनुसार केवल निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाए। जहां पारंपरिक रूप से स्थानीय समाज, जमात या ग्रामवासियों द्वारा चयन की व्यवस्था है, वहां लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव सुनिश्चित किया जाए।
परिषद ने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाए।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद माहिर एवं महामंत्री शोएब राजा खान ने कहा कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो समाज के हित में आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी इस अवसर पर परिषद के प्रदेश महामंत्री नसीमुद्दीन खान भोपाल एंव कार्यालय सचिव शमीम हयात भोपाल एवं अन्य पदाधिकारीगण की गरिमामय उपस्थित रही!
