- बड़वानी जिले के राजपुर की सेवा पैथालॉजी को मरीज भेजने के बाद बिलिंग में पहले 20 प्रतिशत और फिर 50 प्रतिशत कमीशन वसूल रहे थे दो बीएमओ और एक संविदा डॉक्टर
बड़वानी। सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों को खून सहित अन्य जांचों के लिए प्राइवेट पैथालॉजी भेजने के बदले में पैथालॅजी संचालक से कमीशन लेने वाले बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दो ब्लॉक मेडिकल आफीसर सहित एक संविदा डॉक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

पैथालॉजी संचालक ने की थी जबरिया कमीशन की शिकायत
मरीज भेजने के बदले 20 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत कमीशन मांगने की शिकायत अदनान अली पिता फरहत अली, मैंनेजर, सेवा पेथेलॉजी लैब, राजपुर, निवासी-टेमला मार्ग, बड़वानी रोड़ राजपुर, जिला बड़वानी ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की। शिकायतकर्ता ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर के बीएमओ डॉ अमित शाक्य और बीएमओ डॉ. दिव्या सांई के साथ संविदा पर कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोहर गोदारा कमीशन का रेट बढ़ाकर कमीशन की रिश्वत मांग रहे हैं।

बातचीत के बाद कमीशन में कटौती पर मान गए डॉक्टर
शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी लैब में बीते माह मरीजों की जांच की राशि की 50 प्रतिशत राशि डॉ. अमित शाक्य द्वारा 18,000 रुपए, डॉ. दिव्या सांई द्वारा 8,000 रुपए एवं डॉ. मनोहर गोदारा द्वारा 21,800 रुपए कमीशन (रिश्वत) मांगी जा रही थी। बातचीत के बाद कमीशन में कुछ कमी करके देने के लिए दबाव बनाया गया। इसके बाद आरोपी अमित शाक्य 8000 रुपए, आरोपी दिव्या 5000 रुपए और आरोपी मनोहर गोदारा 12000 रूपए लेने पर सहमत हो गए।
शिकायत सही मिलने पर ट्रैप दल रवाना किया गया
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर राजेश सहाय ने रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद कमीशनखोरों को पकडने के लिए ट्रैप दल का गठन किया गया। ट्रैपदल में डीएसपी सुनील तालान, कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती रेनू अग्रवाल, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, विवेक मिश्रा, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, रामेश्वर निंगवाल, कमलेश परिहार, आशीष नायडू, श्रीकृष्णा अहिरवार, शेरसिंह, प्रभात मोरे, महिला आरक्षक जाह्नवी सेंगर, जानू वास्केल शामिल शामिल किया गया। इसके बाद ट्रैप दल को रवाना किया गया।

कमीशन लेते हुए डॉक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा गया
पैथालॉजी के मैनेजर अदनान अली से आरोपी डॉ. अमित शाक्य को 8,000 रुपए, आरोपी लेडी डॉक्टर दिव्या साईं को 5,000 हजार रुपए और आरोपी डॉक्टर मनोहर गोदारा को 12,000 रुपए की रिश्वत (कमीशन) राशि लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 एवं बी.एन.एस. 2023 की धारा 61 (2), के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
कोई भी रिश्वत मांगें तो लोकायुक्त में करें शिकायत
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश पर लोकायुक्त इंदौर इकाई द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। आमजन से अपील है की कोई अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एवं दूरभाष पर भी संपर्क कर सकते है।
कार्यालय पुलिस अधीक्षक,
विशेष पुलिस स्थापना,
लोकायुक्त कार्यालय इंदौर संभाग इंदौर
पत्ता- मोती बंगला, एम.जी. रोड इंदौर-452007
दूरभाष- 0731-2533160
0731-2430100