- मेट्रो डिपो और निर्माण स्थलों पर पूजा का आयोजन; शहर को विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था समर्पित करने का लिया संकल्प
तेजी से आगे बढ़ रहा मेट्रो का निर्माण कार्य
कानपुर मेट्रो ने कॉरिडोर-1 के प्रायोरिटी सेक्शन (आईआईटी–मोतीझील) पर सिविल निर्माण कार्य शुरू होने के मात्र 2 वर्ष 1.5 माह के रिकॉर्ड समय में यात्री सेवाएं प्रारंभ कर राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया था। 30 मई 2025 को कॉरिडोर-1 के अंतर्गत यात्री सेवाओं का विस्तार मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक किया गया, जिससे पहली बार पांच नए अंडरग्राउंड स्टेशन मेट्रो नेटवर्क से जुड़े। आने वाले दिनों में शीघ्र ही कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल–नौबस्ता) पर यात्री सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही सात नए स्टेशन; झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर एवं नौबस्ता, मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) के सिविल कार्य में उल्लेखनीय प्रगति
कॉरिडोर-1 के साथ ही, लगभग 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) के सिविल निर्माण कार्य में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके अंतर्गत लगभग 4.50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो सेक्शन के पांच में से चार स्टेशनों के प्लेटफॉर्म लेवल की ढलाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। प्री-कास्ट अवसंरचनाओं को स्थापित करने का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच रहा है। कॉरिडोर-2 के डिपो रैंप से डबल पुलिया रैंप तक लगभग 4.10 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में ट्रैक निर्माण एवं सिस्टम इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कानपुर मेट्रो की सभी निर्माण योजनाओं के सफलतापूर्वक एवं समयबद्ध पूर्ण होने की मंगलकामना की।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, "उत्तर प्रदेश मेट्रो की टीम शहरवासियों को अत्याधुनिक सुविधाओं और प्रौद्योगिकी से लैस विश्वस्तरीय मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कानपुर मेट्रो ने देश के अंदर मेट्रो निर्माण में पहली बार डबल टी-गर्डर का प्रयोग किया है। हमारी टीम ने इंजीनियरिंग की दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए नौबस्ता फ्लाईओवर के ऊपर स्टील स्पैन को सुरक्षित रूप से परिस्थापित किया, जिस पर जल्द ही मेट्रो ट्रेन दौड़ती नजर आएगी।