स्वयं सेवी संगठन एकता परिषद 20 नवंबर से 10 दिसंबर तक आदिवासी अधिकार पद यात्रा निकालेगा, जोकि मध्यप्रदेश के डिंडोरी से शुरु होकर मंडला, और बालाघाट के साथ ही छत्तीसगढ़ के कबीरग्राम, कवर्धा तक पहुंचेगी।
आदिवासियों से जुडे मसलों की जांच के लिए स्वतंत्र जांच समिति की मांग परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल ने सोमवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि इसके जरिए मांग की जाएगी कि सरकार आदिवासी समुदाय से जुड़े सारे मसलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन जल्द से जल्द करे।
इस मौके पर एकता परिषद के प्रांतीय समन्वयक दीपक अग्रवाल और राष्ट्रीय जन अदालत के राष्ट्रीय समन्वयक अनीष थिल्लेनकरी भी थे।
राजगोपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन का औसत 30 फीसदी है, जो कि बहुत ही कम है। यदि 6 सालों में 10 फीसदी की दर से भी इस पर क्रियान्वयन होता तो यह आंकड़ा 60 फीसदी तक हो जाता। आदिवासियों के खिलाफ फर्जी प्रकरणों को हटाने की स्थिति यह है कि, वर्तमान में लगभग 3 लाख फर्जी प्रकरण आदिवासियों के खिलाफ दर्ज है। विस्थापन से पहले विस्थापितों से पूर्व सहमति लिया जाना जरूरी है, पर मंडला, डिंडोरी क्षेत्र में बनने वाले हेरिटेज कारिडोर में 600 किलोमीटर का इलाका चला जाएगा, जिससे हजारों लोग विस्थापित होंगे। इसकी योजना तक बन गई है, पर लोगों को इसके बारे में नहीं मालूम हैं। प्रदेश की विशेष जनजाति बैगा के लिए बनाए गए बैगा विकास प्राधिकरण के माध्यम से करोड़ों रुपए खर्च किए गए, पर उसका काम पारदर्शी नहीं है।