मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा ने स्थानीय तात्याटोपे नगर स्टेडियाम में नौ दिवसीय आल इंडिया सिविल सर्विस शतरंज स्पर्धा के समापन के अवसर पर विजेताओं को पुरस्कृत किया। स्पर्धा में दल आधार पर केंद्रीय सचिवालय दिल्ली और व्यक्तिगत मुकाबलों में भुवनेश्वर के सौम्य रंजन मिश्रा प्रथम रहे। रीजनल स्पोटर्स बोर्ड इंदौर की टीम तीसरे स्थान पर रही। इसी तरह इंदौर के आरके मिश्रा छह बोर्ड प्राइज विनर्स में तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा ने विजेता खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक, रजत पदक एवं कांस्य पदक तथा विजेता ट्रॉफी प्रदान कर पुरस्कृत किया।
अखिल भारतीय सिविल सेवा शतरंज प्रतियोगिता की व्यक्तिगत स्पर्धा के चैम्पियन बने सौम्य रंजन मिश्राटीम इवेन्ट में दिल्ली के शातिर विजेता तो बिहार के रहे उपविजेता, मुख्य सचिव डिसा ने किया पुरस्कृत
इस मौके पर मुख्य सचिव डिसा ने कहा कि शतरंज का खेल सिर्फ मनोरंजक खेल न होकर बुद्धिमत्ता प्रदर्शित करने का खेल भी है। भारत से प्रारंभ होकर यह खेल दुनिया के कई देशों तक पहुंचा। आज भी भारत शतरंज के श्रेष्ठ खिलाड़ियों वाला देश है। इस तरह की शतरंज स्पर्धाएं शतरंज खिलाड़ियों की हौसला अफजाई के लिए बेहद उपयोगी हैं। इससे पहले खेल संचालक उपेंद्र जैन ने बताया कि आल इंडिया सिविल सेवा शतरंज स्पर्धा में 22 दल और 149 खिलाड़ी सम्मिलित हुए। इनमें 69 शतरंज खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग के हैं। स्पर्धा के समापन समारोह में मध्यप्रदेश शतरंज संघ के सचिव कपिल सक्सेना और अनेक खेल संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे
टीम स्पर्धा में सौम्य रंजन मिश्रा आरएसबी भुवनेश्वर सर्वाधिक 7.5 अंक तथा 51 बक्होल अंको के साथ प्रथम स्थान पर रहे। गुरप्रीत सिंह मारास आरएसबी मुम्बई ने 7.5 अंक तथा 48 बक्होल अंको के साथ दूसरा स्थान तथा तरूण शर्मा आरएसबी राजस्थान ने 7.5 अंक तथा 46.5 बक्होल के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। टीम इवेन्ट में सेन्ट्रल सेकेट्रियेट दिल्ली प्रथम स्थान, बिहार सेक्रेट्रियेट दूसरे स्थान तथा आरएसबी राजस्थान तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में बोर्ड प्राइज विजेता खिलाड़ी भौमिक विभास कोलकाता पहले, वजीह नासिर दिल्ली दूसरे, आरके मिश्रा इंदौर तीसरे, प्रदीप तिवारी दिल्ली चौथे, एमके चन्द्रशेखर कोलकाता पांचवें तथा आरएम बड़गूजर गुजरात छठवें स्थान पर रहे।