राजीव गांधी खेल अभियान अंतर्गत हो रही प्रतियोगिताओं में शालेय खिलाडियों का शोषण हो रहा है। खेल के नाम पर दिनभर भूखे प्यासे छात्रों से भागीदारी करवाई जा रही है। तेज धूप में मात्र पानी के सहारे छात्रों का दिन गुजर रहा है।
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| बिना किट के ही कबड्डी खेलती छात्राएं |
का शोषण
रेस, खो-खो, कबड्डी जैसे मेहनती खेल मात्र पानी के सहारे छात्रों से करवाए जा रहे है। बुधवार को भी कुछ इसी तरह का नजारा बालक हायर सेकण्डरी स्कूल के खेल मैदान पर देखने को मिला। जिला स्तरीय महिला खेल कू द के लिए बुलाई गई मामा की भांजियों को दिनभर भूखे रहकर प्रतियोगिता में भाग लेना पडा। आयोजनकर्ताआें ने तो दिनभर में कई बार चाय नाश्ता किया लेकिन प्रतियोगिता में बुलाई गई जिले भर की छात्राआें को पानी के सहारे दिन काटना पडा।
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| कडी धूप से परेशान होती रही छात्राएं |
उसके बाद से दिनभर पूरा होने को है कुछ नही दिया गया। तेज धूप के मारे शरीर में खेलने की क्षमता नही है लेकिन शिक्षको के कहने पर खेलने को मजबूर होना पड रहा है।
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| किट थेले से बाहर ही नही निकली |
प्रतियोगितओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राआें का सारा खर्चा जिम्मेदारों द्वारा उठाया जाना भी तय किया जाता है। लेकिन भ्रष्टाचार के चलते शिक्षक और खेल अधिकारी छात्राओं का हिस्सा हडप रहे है। राशि खर्च होना बताई जा रही है लेकिन किसी पर खर्च की जाती है, तो किसी खिलाड़ी को नहीं पता।


