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लडखडाती ग्रामीण डाक सेवा और पिसता कर्मचारी

निशा राठौर, झाबुआ.
 
आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले की भौगोलिक स्थिती देखे तो आज भी ग्रामीण क्षेत्र में लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पिछले 20 वर्षो से ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीण डाक पाल एवं शाखा डाकपाल की नियुक्तियां नही की जा रही है, जिसके चलते अब और भी दयनिय स्थिती हो गई है। अंचल के ग्रामीण डाककर्मी लगातार त्यागपत्र देकर परेशानियों से छुटकारा पा रहे है या सेवानिवृत्ति तक अपने कर्तव्यों का जैसे-तैसे निर्वाहन कर रहे है। 


 लडखडाती ग्रामीण डाक सेवा और पिसता कर्मचारी
अफसरों के तुगलकी फरमानों से सेवाएं ठप्प
कर्मचारियों की कमी से नहीं बंट पा रही है डाक


डाक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही एवं तुगलकी फरमान के चलते ग्रामीण डाक सेवाएं ठप्प-सी हो गई है। आए दिन नई कालोनियों के विकसीत होने एवं गांव के क्षेत्रों में लगातार विस्तार के चलते डाक कर्मचारी कर्तव्यों की अनदेखी कर रहे है, क्योकि ईमानदारी से उन क्षेत्रों में कार्य कर पाना संभव ही नही है। जिले के मेघनगर एवं थांदला विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की डाक सेवा को देखे तो रंभापुर, मेघनगर के डाक सेवक को थांदला के तलावली में शाखा डाकपाल एवं डाक वितरण का भी कार्य सौपा गया है, जबकी तलावली गांव में कर्मचारी के निधन के बाद महिला कर्मचारी को उनके स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति देते हुए शाखा डाकपाल परवलिया में पदस्थ किया है। इसके अंतर्गत 25 वर्ग किमी का क्षेत्रफल डाक वितरण में आता है। इसी तरह रामचंद्र मणिया पश्चिमी छायन बामनिया से ग्रामीण डाक सेवक को मेल पेकर को मेघनगर में पदस्थ किया है। 

परेशानियों से तंग आकर दे दिया है इस्तीफा
कल्याणपुरा के शाखा डाकपाल राजेन्द्र ने अधिकारियों की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए सेवा से त्यागपत्र दे दिया है, जहा अब सिर्फ ग्रामीण डाक सेवक नारायण सोनी अकेले ही दोनों जिम्मेदारी निभा रहे है। शाखा डाकघर पंचकुई में रमेश जैन ग्रामीण डाक सेवक डाक वितरण एवं शाखा डाक पाल दोनों का काम संभाल रहे है। ग्रामीण डाक सेवक पुरसिंह डामोर बजरंगढ थांदला को शाखा डाकपाल बेडावा का दायित्व सौपा गया है। देवीगढ का ग्रामीण डाक सेवक कचरूलाल राठौर को भीमकुंड शाखा डाकपाल का दायित्व सौपा है। थांदला के सेवला टाडिया को शाखा डाकघर खजूरी में शाखा डाकपाल का पद सौपा है, जिससे थांदला की डाक वितरण व्यवस्था पूरी तरह गडबडा गई है। निकट भविष्य में यदि डाक व्यवस्था एवं ग्रामीण डाक सेवकों पर ध्यान नही दिया गया तो देश की सबसे बडी संचार व्यवस्था एवं देश का सबसे बडा डाकघर बैंक नाम मात्र का ही रह जाएगा।