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बिना बिजली कनेक्शन के ही वसूली की कोशिश

रेलिक रिपोर्टर, पेटलावद/ झाबुआ.
 
बिजली विभाग द्वारा गरीब किसानों के साथ फर्जी बिलों से राशि ऐठने का मामला सामने आया है। रायपुरिया निवासी मांगू पिता गोपाल को गत दिनों 3 हार्स पॉवर का 1861 रू का एक बिल दिया गया। बिल को देखते ही उसके होश उड गये, क्योंकि न तो उसने खेत पर सिंचाई के लिए कभी बिजली विभाग से कनेक्शन मांगा और न ही उसका कभी बिल आया। हद तो यह है कि रायपुरिया स्थित विभाग के कार्यालय में किसान मांगू के सर्विस क्रमांक 0634413-90-00-7151 का कोई रिकार्ड ही नही है और तो और बिल तो विभागीय है, लेकिन इसमें सर्विस क्रमांक और अन्य आंकड़े हाथ से लिखे गये है तथा जूनियर इंजीनियर की सील भी चस्पा की गयी है। 


बिल जिसमें दर्ज आंकड़े हाथ से भरे
बिल जिसमें दर्ज आंकड़े हाथ से भरे
ग्रामीणों से फर्जी बिलों से वसूली कर बढ़ती शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं 

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब किसान किसी जनप्रतिनिधि के साथ बिजली विभाग के रायपुरिया कार्यालय पंहुचे तो वहां जेई द्वारा बताया गया की बिल तो बकाया है लेकिन जब रिकार्ड देखने की बारी आयी तो कार्यालय में कहीं भी इस सर्विस नंबर का रिकार्ड नही मिला। सकपकाते हुए जेई ने कहा की दो दिन में इसकी जांच कर बतायी जाएगी की आखिर यह सर्विस नंबर है ही नही तो फिर बिल कैसे और क्यंों बना। स्थानीय किसानों का कहना है की बिना कनेक्शन के अगर इस तरह के फर्जी बिल किसानों को पकड़ाये जा सकते है तो क्षेत्र के अन्य सैकडों सिचाई बिलों के साथ किस तरह का खिलवाड़ होता होगा? फर्जी बिल से परेशान किसान मांगू ने बताया की इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करूंगा। 

फरमाते हैं बिजली विभाग के जिम्मेदार
इस उपभोक्ता का कोई भी रिकार्ड हमारे पास नही है, फिर भी यह बिल कैसे उपभोक्ता के पास पंहुच गया? इसकी जांच की जाएगी, हो सकता है वर्षो पूर्व इस नाम से विद्युत पंप का कनेक्शन हो, लेकिन वर्तमान में इसका कोई रिकार्ड नही है।
-जय परमानंदानी, जूनियर इंजीनियर, रायपुरिया एमपीईबी