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स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से सकारात्मक गुणों का विकास

रेलिक रिपोर्टर, शाहजहांपुर.
 
आधुनिक युग प्रतिस्पर्धा का युग है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से व्यक्ति में सकारात्मक गुणों का विकास होता है। यह विचार एसएस कालेज के प्राचार्य डा. अवनीश कुमार मिश्र ने महाविद्यालय के कला संकाय में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित उच्च शिक्षा की समस्यायें एवं सुझाव विषयक निबन्ध प्रतियोगिता के अवसर पर व्यक्त किये। 


स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से सकारात्मक गुणों का विकास
उन्होंने कहा कि वर्तमान छात्रों की ऊर्जा को सकारात्मक प्रवाह देने की जरूरत है। उच्च शिक्षा में सुधार के लिए मौलिक विचार की आवश्यकता है। हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. आलोक मिश्र ने कहा कि निबन्ध का तात्पर्य ही होता हैकि बिना बंधन के लिखा गया लेख। शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष डा. मनोज मिश्र ने कहा कि आज की उच्च शिक्षा अनेकानेक समस्याओं से ग्रस्त है पूर्व में बनाये गये आयोग एवं उनकी सिफारिशे वर्तमान समय में अप्रासंगिक हो चुकी है।
आयोजन में डा. दीपक कुमार सिंह, डा. संजय कुमार पाण्डेय, संजय कुमार सिंह का विशेष सहयोग रहा है। इस अवसर पर डा. आदित्य कुमार सिंह, डा. मधुकर श्याम शुक्ल, डा. पूनम, डा. राजबहादुर सिंह यादव, डा. अजीत चारग, डा. कविता भटनागर, डा. अर्चना गर्ग, डा. न्रमता गुप्ता, डा. अमिता स्तोगी, डा. श्रीकांत मिश्रा, डा. दीपक कुमार दीक्षित, रावेन्द आदि उपस्थित थे। संयोजक डा. धीरज रस्तोगी ने आभार व्यक्त किया।