रेलिक रिपोर्टर, शाहजहांपुर.
उर्दू
त्रैमासिक पत्रिका ’काविश’ का एक वर्ष पूरा होने पर पत्रिका के नये अंक का
विमोचन मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष तनवीर खां व नगर पंचायत अध्यक्ष
कांट रईस मियां ने किया। उन्होंने शाहजहांपुर से पत्रिका के प्रकाशन पर
खुशी का इजहार करते हुये कहा कि उर्दू के फरोग के लिये उर्दू
पत्र-पत्रिकाओं को अवश्य पढ़ना चाहिये। कार्यक्रम में उर्दू साहित्य की सेवा
के लिये कई विभूतियों को सम्मानित किया गया।
पहला अंक शायर सरदार आसिफ को सम्मानित किया तनवीर ने
समारोह का आगाज तिलावते
कुरआन-ए-पाक से हुआ। मुख्य अतिथि तनवीर खां ने कहा कि उर्दू एक ऐसी भाषा
है, जिसका जादू हमेशा लोगों के सिर चढ़ कर बोलता है। आज उर्दू का परचम बुलंद
करने की जरुरत है। रईस मियां ने कहा कि आज सारे जहां में उर्दू की धूम मची
हुयी है। उर्दू की मकबूलियत में विश्व स्तर पर इजाफा हुआ है। डा. आफताब
अख्तर ने कहा कि शाहजहांपुर से प्रकाशित होने वाली यह पत्रिका भविष्य में
अपने उर्दू साहित्य प्रेमियों में अलग पहचान जरुर बनायेगी। लखनऊ से आये
रोजनामा अवधनामा के सह सम्पादक रिजवान फारुकी ने काविश की संपादकीय टीम को
बधाई देते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश से प्रकाशित होने वाली दूसरी उर्दू
पत्रिकाओं के बीच काविश ने बहुत जल्द आला मकाम बना लिया है। काजी शहर सैयद
मसूद हसन ने असगर यासिर को बधाई देते हुये कहा कि काविश ने उन पर विशेषांक
निकाल कर उनकी साहित्यिक सेवाओं को सलाम किया है। काविश के संरक्षक मारहरा
से आये मशहूर शायर शारिक अदील ने कहा कि शाहजहांपुर वालो के लिये यह बड़ी
खुशी की बात है कि काविश यहां से निरंतर प्रकाशित हो रहा है। जिसने अपने एक
वर्ष के कार्यकाल में बड़ी कामयाबी हासिल की है। अध्यक्षीय भाषण में जीएफ
कालेज के प्राचार्य डा. अकील अहमद ने कहा कि फहीम बिस्मिल जैसे अगर चंद लोग
उर्दू को मिल जाये तो फिर शाहजहांपुर में उर्दू का अब से 50 साल पहले
वाला माहौल बन सकता है।
ऊर्दू की सेवा के लिए किया गया सम्मानित
इस
मौके पर उर्दू सहित्य की सेवा के लिये इसरार असीर, खालिद अल्वी, अख्तर
शाहजहांपुरी, सरदार आसिफ, ओम प्रकाश साहू तिलहरी, साजिद खैराबादी, रिजवान
फारुकी लखनऊ, मुशर्रफ महजर अलीगढ़, खालिद कैसर मोहम्मदी, राहिल फरीदी
बीसलपुर, हैदर अल्वी लखनऊ को मुख्य अतिथियों व काविश संरक्षक मण्डल ने
स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। आखिर में सपांदक
फहीम बिस्मिल ने कहा कि उर्दू के फरोग के लिये हम चाहते हैं कि उर्दू से
मोहब्बत करने वाले नेता व सामाजिक कार्यकर्ता कम से कम वर्ष के एक एक अंक
को गोद ले लें जिससे पत्रिका का भविष्य और भी उज्ज्वल हो सके। इस मौके पर
हाजी मो. असलम खां वारसी एड., सागर वारसी, सैयद मो. रिजवान, डा. सगीर
अंसारी, डा. जीए कादरी, डा. साकिब, तैयब अली खां, शमीम शाहजहांपुरी,
बसीरुददीन उर्फ आमिर मियां, रौनक मुसव्विर, राशिद हुसैन राही, शागिल
विजदानी, अशफाक उल्ला खां, राशिद नदीम, इमरान खां जीलानी, परवेज अहमद,
इरफान अहमद अंसारी, अफवान यार खां आदि समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
उर्दू पत्रिका ’काविश’ का विमोचन रहा यादगार
नवंबर 23, 2014
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