भोपाल। पूरे प्रदेश के सरकारी और सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में हैप्पीनेस क्लास शुरू की जाएगी। इसके लिए बोर्ड की ओर से जहां टीचर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है, वहीं बच्चों के मन से भी स्कूल का डर दूर होगा।
आनंद विभाग कराएगा वर्षभर कार्यक्रम हर महीने के प्रोग्राम की थीम भी हुई तय
खासतौर से ऐसे बच्चे जिनकी परफॉर्मेंस क्लासरूम में औसत रहता है। ऐसे स्टूडेंट्स क्लास में पीछे की तरफ बैठते हैं। उन बच्चों को क्लासरूम में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कांसेप्ट सुबह के समय स्कूल में बच्चों के आने से लेकर दोपहर में घर जाने तक के लिए लागू होगा। जिससे वे स्कूल के नाम से डरेंगे नहीं और खुशी-खुशी रोजाना स्कूल आएंगे।
हैप्पीनेस की ये क्लास नर्सरी से लेकर प्राइमरी सेक्शन की कक्षाओं के बच्चों के लिए रहेगी। इसके लिए टीचर्स बच्चों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी करवाएंगे। इससे बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ाने और खुश रहने के साथ भावनात्मक रूप से मजबूत बनने की कला सिखाई जाएगी। इस क्लास को मेडिटेशन से शुरू किया जाएगा, फिर कहानियों के जरिए जीवन मूल्य बताए जाएंगे।
इसलिए स्कूलों में पड़ी इन क्लास की जरुरत
स्कूलों में हैप्पीनेस क्लासरूम के कांसेप्ट की जरूरत इसलिए पड़ी है, क्योंकि देश के स्कूलों में लगातार सेक्सुअल वॉयलेंस, फिजिकल वॉयलेंस जैसी खबरें आती रहती हैं। ऐसे में स्कूलों में बच्चों को हैप्पीनेस सिखाने की आवश्यकता महसूस की गई। चूंकि बच्चे स्कूलों में सुरक्षित और खुश रहें। इसको लेकर यह प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसको लेकर कई स्कूलों में हैप्पीनेस का पीरियड लगेगा, तो कई स्कूलों में दिनभर फन एक्टिविटीज का आयोजन किया जाएगा। ये क्लास पूरी तरह एक्टिविटी पर आधारित होगी। इसका कोई एक्जाम नहीं होगा। ये क्लास स्टूडेंट्स की पर्सनैलिटी में निखार लाने और उनके दिमाग को खोलने के लिए शुरू की जाएगी।
आनंद विभाग कराएगा वर्षभर कार्यक्रम हर महीने के प्रोग्राम की थीम भी हुई तय
खासतौर से ऐसे बच्चे जिनकी परफॉर्मेंस क्लासरूम में औसत रहता है। ऐसे स्टूडेंट्स क्लास में पीछे की तरफ बैठते हैं। उन बच्चों को क्लासरूम में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कांसेप्ट सुबह के समय स्कूल में बच्चों के आने से लेकर दोपहर में घर जाने तक के लिए लागू होगा। जिससे वे स्कूल के नाम से डरेंगे नहीं और खुशी-खुशी रोजाना स्कूल आएंगे।
हैप्पीनेस की ये क्लास नर्सरी से लेकर प्राइमरी सेक्शन की कक्षाओं के बच्चों के लिए रहेगी। इसके लिए टीचर्स बच्चों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी करवाएंगे। इससे बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ाने और खुश रहने के साथ भावनात्मक रूप से मजबूत बनने की कला सिखाई जाएगी। इस क्लास को मेडिटेशन से शुरू किया जाएगा, फिर कहानियों के जरिए जीवन मूल्य बताए जाएंगे।
इसलिए स्कूलों में पड़ी इन क्लास की जरुरत
स्कूलों में हैप्पीनेस क्लासरूम के कांसेप्ट की जरूरत इसलिए पड़ी है, क्योंकि देश के स्कूलों में लगातार सेक्सुअल वॉयलेंस, फिजिकल वॉयलेंस जैसी खबरें आती रहती हैं। ऐसे में स्कूलों में बच्चों को हैप्पीनेस सिखाने की आवश्यकता महसूस की गई। चूंकि बच्चे स्कूलों में सुरक्षित और खुश रहें। इसको लेकर यह प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसको लेकर कई स्कूलों में हैप्पीनेस का पीरियड लगेगा, तो कई स्कूलों में दिनभर फन एक्टिविटीज का आयोजन किया जाएगा। ये क्लास पूरी तरह एक्टिविटी पर आधारित होगी। इसका कोई एक्जाम नहीं होगा। ये क्लास स्टूडेंट्स की पर्सनैलिटी में निखार लाने और उनके दिमाग को खोलने के लिए शुरू की जाएगी।
