सागर। शादी का झांसा देकर नाबालिग भांजी का अपहरण और राजधानी भोपाल ले जाकर तीन दिन तक दुष्कर्म करने वाले मामा को बीना के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आलोक मिश्रा ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। घटना एक साल पहले बीना थाने के तहत आने वाले बिहरना गांव में हुई थी।
विशेष लोक अभियोजक एसएस अहिरवार ने बताया कि बिहरना गांव निवासी आरोपी राजकुमार पिता हिल्ले अहिरवार (26) पीड़ित बालिका का रिश्ते में मामा है। इसी कारण वह बिहरना गांव आता-जाता रहता था। घटना के लगभग दो महीने पहले आरोपी की पीड़ित बालिका से दोस्ती हो गई। आरोपी उससे मोबाइल पर बात करने लगा और उससे शादी करने की बात कहने लगा।
15 जून 2018 की रात करीब 8 बजे आरोपी ने बालिका को फोन लगाया और भागकर शादी करने की बात कही। आरोपी ने बालिका के घर पर पत्थर फेंका तो वह बाहर निकल आई। इसके बाद आरोपी ने उसे बाइक पर बैठाया और बीना ले आया। यहां से ट्रेन के जरिए वह उसे भोपाल ले गया। भोपाल में रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक कमरे में उसे रखा और 18 जून तक दुष्कर्म किया। घटना के अगले दिन ही बालिका ने इस बारे में अपने भाई और पिता को जानकारी दी।
18 जून को आरोपी बालिका को लेकर वापस बीना आया और उसकी बड़ी बहन के घर के पास छोड़कर भाग गया। घटना के बारे में बहन को बताया। इसके बाद बालिका के परिजनों ने भानगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने आरोपी को धारा 376(3) में 20 साल के सश्रम कारावास तथा 2000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक एसएस अहिरवार ने बताया कि बिहरना गांव निवासी आरोपी राजकुमार पिता हिल्ले अहिरवार (26) पीड़ित बालिका का रिश्ते में मामा है। इसी कारण वह बिहरना गांव आता-जाता रहता था। घटना के लगभग दो महीने पहले आरोपी की पीड़ित बालिका से दोस्ती हो गई। आरोपी उससे मोबाइल पर बात करने लगा और उससे शादी करने की बात कहने लगा।
15 जून 2018 की रात करीब 8 बजे आरोपी ने बालिका को फोन लगाया और भागकर शादी करने की बात कही। आरोपी ने बालिका के घर पर पत्थर फेंका तो वह बाहर निकल आई। इसके बाद आरोपी ने उसे बाइक पर बैठाया और बीना ले आया। यहां से ट्रेन के जरिए वह उसे भोपाल ले गया। भोपाल में रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक कमरे में उसे रखा और 18 जून तक दुष्कर्म किया। घटना के अगले दिन ही बालिका ने इस बारे में अपने भाई और पिता को जानकारी दी।
18 जून को आरोपी बालिका को लेकर वापस बीना आया और उसकी बड़ी बहन के घर के पास छोड़कर भाग गया। घटना के बारे में बहन को बताया। इसके बाद बालिका के परिजनों ने भानगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने आरोपी को धारा 376(3) में 20 साल के सश्रम कारावास तथा 2000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
