नई दिल्ली। भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ अपने पहले डे-नाइट टेस्ट की पहली पारी 9 विकेट पर 347 रन पर घोषित कर दी। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले जा रहे मैच में शनिवार को बांग्लादेश की दूसरी पारी में मुश्फिकुर रहीम क्रीज पर हैं। उमेश यादव ने मो. मिथुन को 6 रन पर शमी के हाथों कैच आउट कराया। इशांत शर्मा ने इमरुल कायेस और कप्तान मोमिनुल हक को शून्य पर आउट किया। कायेस एलबीडब्ल्यू हुए, जबकि मोमिनुल का कैच विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने लिया।
इससे पहले विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर का 27वां शतक लगाकर आउट हुए। वे 136 रन बनाकर इबादत हुसैन की गेंद पर तैजुल इस्लाम के हाथों कैच आउट हुए। अजिंक्य रहाणे (51) अपने टेस्ट करियर का 22वां अर्धशतक लगाकर आउट हुए। तैजुल इस्लाम की गेंद पर उनका कैच इबादत हुसैन ने लिया। उन्होंने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की थी। बांग्लादेश की ओर से अल अमीन हुसैन और इबादत हुसैन ने 3-3 विकेट लिए, जबकि अबु जायेद को दो सफलता मिली।
कोहली पिंक बॉल डे-नाइट टेस्ट में शतक लगाने वाले विश्व के 16वें और बतौर कप्तान 5वें बल्लेबाज हैं। पाकिस्तान के अजहर अली ने डे-नाइट टेस्ट इतिहास का पहला शतक लगाया था। उन्होंने अक्टूबर 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 302 रन की नाबाद पारी खेली थी। पिंक बॉल टेस्ट में सिर्फ पाकिस्तान के असद शफीक ने दो शतक लगाए हैं।
चेतेश्वर पुजारा 55 रन बनाकर इबादत हुसैन की गेंद पर शादमान इस्लाम के हाथों कैच आउट हुए। मयंक अग्रवाल को 14 रन पर अल अमीन ने अपनी गेंद पर मेहदी हसन के हाथों कैच आउट कराया। रोहित को 21 रन पर इबादत हुसैन ने एलबीडब्ल्यू किया। इससे पहले बांग्लादेश की टीम पहली पारी में 106 रन पर ऑलआउट हो गई। इशांत शर्मा ने करियर में 10वीं बार 5 विकेट लिए। इससे पहले पांच बार के वर्ल्ड चेस चैम्पियन विश्वनाथ आनंद और मौजूदा चैम्पियन मैग्नस कार्लसन ने दूसरे दिन घंटी बजाकर मैच शुरू किया।
इशांत डे-नाइट टेस्ट में एक पारी में 5 विकेट लेने वाले 13वें गेंदबाज हैं। पाकिस्तान के यासिर शाह और न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ड ने 2-2 बार यह कारनामा किया है। इनके अलावा एक मैच में 10 विकेट लेने वाले भी दो ही गेंदबाज हैं। यह उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया के पेट कमिंस और वेस्टइंडीज के देवेंद्र बिशू ने हासिल की है।
टेस्ट के पहले दिन हेलमेट पर गेंद लगने की वजह से चोटिल बांग्लादेशी बल्लेबाज लिटन दास और नईम हसन ठीक हैं। वुडलैंड अस्पताल के सीईओ रुपाली बसु ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को सिर में गहरी चोट नहीं लगी है। हालांकि दास ने सिरदर्द की शिकायत की थी। जांच के बाद कोई स्कल इंजरी (सिर की चोट) नहीं नजर आई। दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
