मुंबई। महाराष्ट्र में अब भाजपा गठबंधन की सरकार है। शनिवार सुबह 8 बजे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ राकांपा नेता अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद अजित पवार ने कहा, "नतीजे आने के बाद से कोई पार्टी सरकार नहीं बना पा रही थी, महाराष्ट्र किसानों की समस्याओं समेत कई परेशानियों से जूझ रहा था। इसलिए हमने स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया।" कहा जा रहा है कि अजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 30 विधायकों के साथ भाजपा के साथ आ गए हैं। उधर, पार्टी नेता सुप्रिया सुले ने वॉट्सऐप पर कहा, इससे पार्टी और परिवार में बंटवारा हो गया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई के सम्मान समारोह में कहा कि हम स्थाई सरकार देंगे। मोदी है तो मुमकिन है। घटनाक्रम पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- अब तो लगता है कि जिसका गवर्नर उसकी सरकार।
उधर, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि भाजपा को समर्थन देना अजित पवार का अपना व्यक्तिगत फैसला है। यह राकांपा का फैसला नहीं है। हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि हम अजित के फैसले का समर्थन नहीं करते हैं। उधर, देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया और राज्य को खिचड़ी सरकार की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने चुनाव जीता था और शिवसेना पीछे हट गई। महाराष्ट्र को स्थिर शासन की जरूरत थी। इसलिए हम साथ आए हैं। हम राज्य को एक स्थिर सरकार देंगे।’’
सुप्रिया सुले ने शनिवार सुबह दो बार अपना वॉट्सऐप स्टेटस बदला। पहले में लिखा- परिवार और पार्टी टूट गई। दूसरे में लिखा- 'जीवन में किस पर भरोसा करें, मैंने खुद को इतना ठगा हुआ पहले कभी महसूस नहीं किया... जिसे इतना प्यार किया, बचाव किया, बदले में देखो क्या मिला।'