इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के परिसर में रविवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया और डाइबिटीज की जांच विषय पर व्याख्यान दिया।
दिल्ली से आए डॉ. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने बताया कि हीमोग्लोबिन ए वन सी की जांच में खाली पेट रहने की आवश्यकता नहीं है। सभी मधुमेह रोगियों को अपने डॉक्टरों से मिलकर इस टेस्ट के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। डॉ. पल्लवी निगम ने थैलेसीमिया की जांच व महत्व के बारे में बताया। इसके डायग्नोसिस के लिए जरूरी है कि एचपीएलसी टेस्ट कराएं। गर्भवती महिलाएं ये जांच अवश्य कराएं ताकि आने वाले शिशु को थैलेसीमिया होने की संभावना का पता चल सके। संगोष्ठी में डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. एमके मदनानी, डॉ. वीके गुप्ता, *डॉ. जीएस सिन्हा, डॉ. ललिता शुक्ला, डॉ. मनीषा गुप्त, डॉ. नीरज त्रिपाठी,*डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. शरद साहू, डॉ. नागेश्वर मिश्र आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. राजेश मौर्या ने किया।
दिल्ली से आए डॉ. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने बताया कि हीमोग्लोबिन ए वन सी की जांच में खाली पेट रहने की आवश्यकता नहीं है। सभी मधुमेह रोगियों को अपने डॉक्टरों से मिलकर इस टेस्ट के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। डॉ. पल्लवी निगम ने थैलेसीमिया की जांच व महत्व के बारे में बताया। इसके डायग्नोसिस के लिए जरूरी है कि एचपीएलसी टेस्ट कराएं। गर्भवती महिलाएं ये जांच अवश्य कराएं ताकि आने वाले शिशु को थैलेसीमिया होने की संभावना का पता चल सके। संगोष्ठी में डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. एमके मदनानी, डॉ. वीके गुप्ता, *डॉ. जीएस सिन्हा, डॉ. ललिता शुक्ला, डॉ. मनीषा गुप्त, डॉ. नीरज त्रिपाठी,*डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. शरद साहू, डॉ. नागेश्वर मिश्र आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. राजेश मौर्या ने किया।
