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अब तक 1 लाख 27 हजार मौतें: अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा- डब्लूएचओ की फंडिंग रोकने का फैसला खतरनाक; डेनमार्क में स्कूल खुले


वॉशिंगटन। दुनिया में कोरोनावायरस से अब तक 20 लाख 14 हजार 9 लोग संक्रमित हो चुके हैं। एक लाख 27 हजार 594 की मौत हो चुकी है। राहत की बात ये कि इसी दौरान चार लाख 91 हजार 824 मरीज स्वस्थ भी हुए। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस फैसले को खतरनाक बताया है कि जिसमें उन्होंने डब्लूएचओ की फंडिंग रोकने का आदेश दिया था। ब्रिटेन समेत कई देश और यूएन भी इस फैसले का विरोध कर चुका है। वहीं, डेनमार्क में एक महीेन बाद स्कूल खुलना शुरू हो गए हैं। उधर, ब्रिटेन में अवैध रूप से कोरोना का टेस्टिंग किट बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।  
अमेरिका : ट्रम्प का फैसला खतरनाक
‘अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन’ के प्रेसिडेंट डॉक्टर पैट्रिक हैरिस ने डब्लूएचओ की फंडिंग रोके जाने के फैसले को खतरनाक बताया। हैरिस ने सीएनएन से कहा, “यह इस सदी का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट है। ट्रम्प ने डब्लूएचओ की फंडिंग रोक दी। ये गलत दिशा में उठाया गया खतरनाक कदम है। इस वायरस की कोई सीमा नहीं है। दुनिया अगर एक होकर मुकाबला नहीं करेगी तो हालात बेहद जटिल हो जाएंगे। इसका असर हम अमेरिकियों पर भी पड़ना तय है।”
डेनमार्क : स्कूल खुले
करीब एक महीने बंद रहने के बाद डेनमार्क के ज्यादातर स्कूल बुधवार से खोल दिए गए। प्रधानमंत्री मैते फ्रेडरिक्सन खुद राजधानी कोपेनहेगन के एक स्कूल पहुंचीं और बच्चों से बातचीत की। संक्रमण के दौर में स्कूल खोलने वाला डेनमार्क यूरोप का पहला देश है। हालांकि, कुछ स्कूलों ने सरकार से क्लासेज शुरू करने के लिए वक्त मांगा है क्योंकि उनकी तैयारी पूरी नहीं है। लेकिन, सभी स्कूल 20 अप्रैल तक पूरी तरह शुरू हो जाएंगे।   
स्विट्जरलैंड : आईसीयू में दवाओं की कमी
यहां की हेल्थ मिनिस्ट्री ने बुधवार को एक बयान में कहा, “हमारे यहां कई संक्रमित आईसीयू में हैं। इनके लिए जिन खास दवाओं की जरूरत होती है, वो अब खत्म हो रही हैं। इससे तनाव बढ़ रहा है। अभी तो ठीक है लेकिन कुछ वक्त हालात बेहद खराब हो सकते हैं।”  
डब्ल्यूएचओ का फंड रोकने पर ट्रम्प की निंदा
माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सह संस्थापक और चेयरमैन बिल गेट्स ने कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच अमेरिका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की फंडिंग रोकने को खतरनाक बताया है। बिल गेट्स ने बुधवार को ट्वीट किया- डब्ल्यूएचओ की ओर से किए जा रहे कार्यों से कोरोना के संक्रमण को तेज गति से फैलने से रोकने में मदद मिली है। यदि उसका काम रुक जाता है तो कोई दूसरा संगठन उसका स्थान नहीं ले सकता। मौजूदा समय में विश्व को डब्ल्यूएचओ की पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है।

यूएन चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने कहा- यह समय डब्ल्यूएचओ या कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले किसी अन्य संगठन के स्रोतों की कमी करने का समय नहीं है। यह समय इस संक्रमण को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एकजुट होने का है।

यूरोपीय संघ के विदेश नीति के प्रतिनिधि जोसेप बोरेल ने भी राष्ट्रपति ट्रम्प के डब्ल्यूएचओ का फंड रोकने के फैसले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस कदम को उचित ठहराने का कोई कारण नहीं है। महामारी को रोकने और कम करने के लिए डब्ल्यूएचओ की पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- डब्ल्यूएचओ की समीक्षा होगी
इसके पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ की फंडिंग रोक दी। कहा, “अगर संगठन ने बुनियादी स्तर पर काम किया होता तो दुनियाभर में इतने लोग नहीं मारे जाते। आज मैं डब्ल्यूएचओ की फंडिंग रोकने का आदेश दे रहा हूं। कोरोना पर उसकी भूमिका की समीक्षा की जाएगी।” बता दें कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ को सालाना करीब तीन हजार करोड़ रु. की वित्तीय सहायता देता है।’’
चीन ने चिंता जताई
चीन ने बुधवार को कहा कि अमेरिका द्वारा डब्लूएचओ की फंडिंग रोके जाने से बेहद चिंतित है। चीन ने वॉशिंगटन से दायित्वों को पूरा करने का आग्रह किया। इससे पहले ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ पर आरोप लगाते हुए कहा था कि संस्था चीन केंद्रित है। ट्रम्प ने मार्च में भी दावा किया था कि कोरोना पर चीन को लेकर डब्ल्यूएचओ का रवैया पक्षपातपूर्ण हैं।
द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिक ने कोरोना को मात दी
द्वितीय विश्व युद्ध में हिस्सा लेने वाले 99 साल के सैनिक इर्मांडो पिवेटा मंगलवार को संक्रमण मुक्त हो गए। पिवेटा ने ब्राजील की थल सेना में सेकंड लेफ्टिनेंट के तौर पर सेवाएं दीं थीं। उन्हें ब्रासिलिया स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आठ दिन के इलाज के बाद जब वे हरे रंग का आर्मी कैप पहनकर बाहर निकले तो ट्रंपेट बजाकर बधाई दी गई। वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री ने चीनी दूतावास के राजदूत को एक लेख में यूरोप की आलोचना करने के लिए समन भेजा है।

ब्राजील: आठ दिन के इलाज के बाद जब इर्मांडो पिवेटा हरे रंग का आर्मी कैप पहनकर बाहर निकले तो स्टाफ ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया।
अमेरिका: 24 घंटे में दो हजार 407 मौतें
अमेरिका में 24 घंटे में दो हजार 407 लोगों की जान गई है। इसके साथ ही देश में मौतों का आंकड़ा 26 हजार 47 हो गया है। यहां संक्रमण के 26 हजार 945 नए मामले सामने आए हैं। देश में संक्रमितों की संख्या छह लाख 13 हजार 886 हो गई है। अमेरिका की नौसेना ने कहा- उसके शिप मर्सी अस्पताल के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। नौसेना ने बताया कि इन लोगों के संपर्क में आने वले लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। सेना ने कहा, “इसके कारण शिप पर होने वाले मरीजों के इलाज पर असर नहीं पड़ेगा।”
ब्रिटेन: 300 सालों में मंदी के सबसे बुरे दौर से गुजर सकता है देश
बजट पर नजर रखने वाली संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन गर्मियों तक रहता है तो ब्रिटेन 300 साल की सबसे गंभीर मंदी का सामना करेगा। ऑफिस फॉर बजट रिस्पॉन्सिबिलिटी (ओबीआर) ने कहा कि देश में बेरोजगारी 13 लाख से 34 लाख तक बढ़ सकती है। हर 10 में से एक व्यक्ति बेरोजगार होगा। अप्रैल और जून के बीच अर्थव्यवस्था में 35% की कमी हो सकती है। यहां 12 हजार 107 लोगों की मौत हो चुकी है। 93 हजार 873 संक्रमित हैं।
इटली: एक दिन में 602 मौतें
इटली में पिछले दो दिनों में मौतों की संख्या में थोड़ी वृद्धि हुई है। यहां 24 घंटे में 602 लोगों की जान गई है। यहां सोमवार को 566 और रविवार को 431 न दम तोड़ा था। देश में अब तक 21 हजार 67 लोगों ने जान गंवाई है। वहीं यहां एक लाख 62 हजार 488 लोग संक्रमित हैं।

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