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बैंक, कैपिटल और डेट मार्केट खुले रहेंगे, आईटी सेक्टर को 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ दफ्तर खोलने की इजाजत


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को लॉकडाउन 2.0 की नई गाइडलाइन जारी कर दी, जिसके तहत कुछ छूट और आवश्यक शर्तों के साथ जरूरी उपक्रमों को शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। लॉकडाउन 2.0 के दौरान इन गतिविधियों पर छूट रहेगी। क्वारैंटाइन फैसिलिटी के लिए एस्टेबलिशमेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। सेल्फ एम्प्लॉयड लोगों द्वारा प्रदान की जानेवाली सेवाओं जैसे इलेक्ट्रिशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर्स, मोटर मैकेनिक्स और कारपेंटर्स (बढ़ई) को भी अनुमति दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महानगर पालिका और नगर पालिका की सीमा से बाहर खाद्य प्रसंस्करण यानी फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को शुरू किया जा सकता है। उन प्रोडक्शन इकाइयों को शुरू किया जा सकता है, जिन्हें लगातार प्रोसेस की जरूरत है और उनके सप्लाई चेन को भी शुरू किया जा सकता है।
फाइनेंशियल सेक्टर
  • आरबीआई और आरबीआई से रेगुलेटेड फाइनेंशियल मार्केट और एनपीसीआई, सीसीआईएल जैसे संस्थान और पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर काम करते रहेंगे।
  • बैंक की शाखाएं और एटीएम, बैंकिंग कामकाज के लिए आईटी वेंडर, बैंकिंग कॉरेसपॉन्डेंट, एटीएम ऑपरेशन और नकद का प्रबंध करने वाली संस्थाएं
  • डीबीटी नकद ट्रांसफर के पूरा होने तक बैंकिंग शाखाओं को सामान्य कामकाजी घंटों में काम करने की इजाजत होगी। 
  • स्थानीय प्रशासन बैंक शाखाओं में पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएगा। बैंकिंग कॉरेसपॉन्डेंट सोशल डिस्टेंसिंग और कानून व्यवस्था से जुड़ी बातों का पालन करेंगे।
  • सेबी के नोटिफिकेशन के मुताबिक सेबी, कैपिटल और डेट मार्केट खुले रहेंगे।
  • आइआरडीएआई और इंश्योरेंस कंपनियां काम करती रहेंगी।
ये कॉमर्शियल और निजी इस्टबलिशमेंट खुलेंगे
  • प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ ब्रॉडकॉस्टिंग, डीटीएच और केबल सेवाओं से जुड़े उपक्रम को खोला जाएगा।
  • सूचना एवं प्रौद्योगिकी और इससे संबंधित सेवा प्रदाता को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ खोलने की अनुमति दी गई है।
  • केवल सरकारी गतिविधियों के लिए डाटा और कॉल सेंटर्स जहां खोले जाएंगे वहीं सरकार से मान्यता प्राप्त कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएसई ग्राम पंचायत स्तर पर खोले जाएंगे।
  • ई-कॉमर्स कंपनियां, उनके द्वारा उपयोग में लाए जानेवाले वाहनों को जरूरी अनुमति के साथ ऑपरेट किए जाने की मंजूरी दी गई है।
  • कूरियर सेवाओं को चालू कर दिया गया है तो कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाओं, पोर्ट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, कंटेनर डिपो, इंडिविजुअल यूनिट और अन्य इससे जुड़ी लॉजिस्टिक सेवाओं के चेन को शुरू किया जाएगा।
होटल, होमस्टेज, लॉज और मोटल्स को भी अनुमति
  • निजी सुरक्षा सेवाओं और फैसिलिटी मैनेजमेंट सेवाओं को कार्यालय और आवासीय कांपलेक्स के मेंटीनेंस के लिए मंजूरी दी गई है।
  • ऐसे होटल, होमस्टेज, लॉज और मोटल्स को भी अनुमति दे दी गई है, जहां पर पर्यटक लॉकडाउन में फंसे हैं।
  • मेडिकल और इमरजेंसी स्टॉफ, एयर और सी क्रू को भी मंजूरी दे दी गई है।
  • क्वारांटाइन फैसिलिटी के लिए इस्टबलिशमेंट का उपयोग किया जा सकता है।
  • सेल्फ एंप्लायड लोगों द्वारा प्रदान की जानेवाली सेवाओं जैसे इलेक्ट्रिशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर्स, मोटर मैकेनिक्स और कारपेंटर्स को अनुमति दी गई है।
उद्योग और औद्योगिक संस्थान
  • ऐसे उद्योग धंधे, जो ग्रामीण क्षेत्रों में ऑपरेट किए जा रहे हैं और जो महानगर पालिका और नगरपालिका के बाहर हैं, उन्हें शुरू किया जा सकता है। 
  • एसईजेड और एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स में नियंत्रित किए जानेवाले मैन्यूफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक उपक्रम, इंटस्ट्रियल इस्टेट और इंडस्ट्रियल टाउनशिप को अपने कर्मचारियों को उसी परिसर में या उसके आस पास रहने के लिए व्यवस्था करने पर और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (एसओपी) का अमल करने पर और कंपनी द्वारा ट्रांसपोर्ट व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर उनको शुरू करने की मंजूरी दी गई है।
  • जरूरी सामानों का निर्माण करनेवाली इकाइयों जिसमें ड्रग्स, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेस और उनकी कच्ची सामग्री तथा इंटरमीडिएट यानी बिचौलियों को काम करने की अनुमति दी गई है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में महानगर पालिका और नगर पालिका की सीमा से बाहर खाद्य प्रसंस्करण यानी फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को शुरू किया जा सकता है।
  • ऐसी प्रोडक्शन इकाइयों को शुरू किया जा सकता है, जिन्हें लगातार प्रोसेस की जरूरत है और उनके सप्लाइ चेन को भी शुरू किया जा सकता है।
  • आईटी हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग, कोयला उत्पादन, खनन और मिनिरल उत्पादन व खनन परिचालन के लिए एक्सप्लोसिव और उनकी गतिविधियों की सप्लाई चेन को शुरू किया जा सकता है।
  • पैकेजिंग मटेरियल की निर्माण इकाइयां भी अपने काम धंधा शुरू कर सकती हैं जूट इंडस्ट्रीज अलग-अलग शिफ्ट और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर काम कर सकती हैं।
  • ऑयल एवं गैस एक्सप्लोरेशन और रिफाइनरी, ग्रामीण क्षेत्रों में ईंटों का काम भी शुरू किया जा सकता है।
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