बांसवाड़ा। काेराेना के संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन है। ऐसे में कई शादियां निरस्त कर दी गई हैं, लेकिन गुरुवार काे एक शादी जूम एप से कराई गई। इसमें न दूल्हा-दुल्हन साथ थे, न ही उनके परिजन। आईटी कंपनी में मैनेजर दूल्हा सुबीर सिंह पेरिस में और स्विस बैंक में मैनेजर दुल्हन दिव्यांजलि लक्जमबर्ग में थी। दाेनाें ने भी एप के जरिए अपने-अपने घर में दीपक के आगे फेरे लिए और बाकी रस्मों को पूरा किया। वहीं लड़की के परिजन जयपुर में थे, जाे मूलत: बांसवाड़ा के हैं।
आईआईटी जोधपुर में प्रोफेसर दूल्हे के पिता कमलजीत सिंह अपनी पत्नी मिथलेश के साथ जोधपुर में थे। परिजन के साथ जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए फ्रांस, जयपुर, जोधपुर, जम्मू और बांसवाड़ा सहित कई शहरों से लोग वीडियो एप पर जुड़े और अनूठी शादी के गवाह बने। पंडित मनोज जोशी ने बांसवाड़ा से मंत्रोच्चारण करवाया और सब अपनी-अपनी जगह से साथ देते रहे। शादी का मुहूर्त 16 अप्रैल काे था। दुल्हन के पिता ठाकुर वीरेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि वह एनआरआई हैं। वे सउदी अरब में एक इलेक्ट्रिकल कंपनी में मैनेजर हैं।
वे पिछले 15 साल से रह रहे हैं। वे वहां से 15 मार्च काे ही जयपुर लाैटे थे।शादी की तैयारी पिछले छह माह से चल रही थी, कार्ड भी बंट चुके थे। मैरिज गार्डन से लेकर सब कुछ बुक हा़े चुका था। लग्न भी लिख चुके थे। उम्मीद थी कि शादी से पहले लॉकडाउन खुल जाएगा और उचित दूरी अपनाकर शादी हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्योंकि लग्न लिख चुके थे तो शादी करानी जरूरी हो गई थी। साथ ही सबके जॉब में होने से आगे अवकाश मिलने की परेशानी और लॉकडाउन की समस्या थी।
इस पर हमने साेचा की टेक्नालॉजी का उपयोग करते हुए इसी मुहूर्त में एप के जरिए शादी कर ली जाए। इस पर परिवार के खास लाेग और बांसवाड़ा के पारिवारिक पंडित मनाेज जाेशी जूम एप से जुड़े। ग्रह शांति से लेकर शादी की सभी रस्में मोबाइल पर ही हुई। पं. मनाेज जाेशी ने बताया कि वे यहां से मंत्र पढ़ते गए और जैसे-जैसे बताते दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन वैसे करते गए। दाे घंटे मंत्रोच्चारण के बाद शादी हा़े गई। दुल्हन के पिता वीरेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि उनके एक बेटा और बेटी है। बेटा फौज में है। वह भी वहीं से वीडियो कॉल से शादी में जुड़ा।
