इंदौर। कोरोना पीड़ित मरीजों की क्वारैंटाइन अवधि भले ही 14 दिन की हो, लेकिन इनकी देखभाल और शहर की व्यवस्था में जुटे अफसरों के लिए 22 मार्च के बाद से शुरू हुआ ‘क्वारैंटाइन’ का दौर अब तक चल रहा है। फील्ड वर्क, फोन, मैसेज, मीटिंग के बीच इनमें से ज्यादातर ने परिवार को छोड़ दिया है और अलग रह रहे हैं। सारे अफसर 18 से 20 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं।
संभागायुक्त : बंगले में आकर सीधे कमरे में चले जांते हैं
संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी अपने बंगले में अलग कमरे में रहते हैं। वह पीछे के दरवाजे से आते हैं और सीधे इस कमरे में जाकर रहते हैं। माता-पिता, पत्नी व बच्चों से दो मीटर दूर से बात करते हैं। उनका खाना अलग होता है। उनके मुताबिक घर में अजीब लगता है जब बच्चों को हाथ भी न लगा सकें, लेकिन यह इस समय सबसे जरूरी है।
आईजी : मैस में ही ठिकाना वीडियो कॉलिंग से बात
आईजी विवेक शर्मा ने 25 मार्च को पुलिस मेस में अलग रहना शुरू कर दिया था, क्योंकि इसी दिन से कंटेनमेंट एरिया बनना शुरू हुए और उन्होंने संक्रमित एरिया में दौरे शुरू कर दिए। दो दिन बाद उन्होंने पुलिस को भी संदेश दिया कि परिवार की भलाई के लिए सभी अलग जाकर रहें। आईजी ने कहा कि परिवार की सुरक्षा और शहर की भलाई के लिए यह दूरी जरूरी है।
कलेक्टर : रेसीडेंसी में सबसे अलग रह रहे, काम वहीं से
आपात स्थिति में कलेक्टर का पद संभालने वाले मनीष सिंह ने यहां आने से पहले ही तय कर लिया था कि परिवार बाद में, पहले शहर को कोरोना मुक्त करना है। उन्हें पता था कि इसके लिए 24 घंटे ड्यूटी देना होगी। इसलिए परिवार को इंदौर नहीं लाए। वे रेसीडेंसी में रह रहे हैं। सुबह से देर रात तक मीटिंग, कॉल यहीं से करते हैं। बाकी समय फील्ड में गुजरता है।
निगमायुक्त : संस्था के फूड पैकेट में से करते हैं भोजन
निगमायुक्त आशीष सिंह लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था, राशन के साथ ही शहर को सैनिटाइज करने में जुटे हैं। सुबह सात बजे घर से निकलते हैं। परिवार को संक्रमण से दूर रख सकें, इसलिए दोपहर में संस्थाओं के फूड पैकेट आते हैं। एक पैकेट कहीं भी बैठकर खा लेते हैं। देर रात घर पहुंचकर खुद को सैनिटाइज करते हैं। इसके बाद ही परिवार से मिलते हैं।
ये अफसर भी घर छोड़ 24 घंटे ड्यूटी पर
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र लगातार कंटेनमेंट एरिया में दौरे कर रहे हैं। उन्होंने भी पुलिस मैस में रहना शुरू कर दिया। वहीं रहते हैं, भोजन करते हैं। आईडीए सीईओ विवेक श्रोत्रिय संक्रमित मरीजों के सबसे करीबी लोगों को क्वारेंटाइन हाउस में रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनके अलावा एडीएम बीबीएस तोमर, अपर आयुक्त संदीप सोनी, रजनीश कसेरा, अपर आयुक्त श्रीकृष्ण चैतन्य और अपर कलेक्टर संतोष टैगोर, अपर कलेक्टर पवन जैन, दिनेश जैन, कैलाश वानखेड़े भी घर छोड़कर 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं।
