भोपाल। मध्यप्रदेश मे लॉकडाउन के दौरान राजधानी में फसे बाहरी राज्यो के छात्रों को मोटी रकम लेकर उनके घरों तक जालसाजी कर पहुंचाने वाले ट्रेवल संचालक के खिलाफ तलैया थाना पुलिस ने चार सौ बीसी का मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। बताया गया है, कि शातिर ट्रेवल संचालक ऑनलाइन जारी होने वाले इमरजेंसी पास फर्जी तरीके से तैयार कर छात्रों को उनके घर पहुंचाता था। आरोपी मुख्य रूप से अयोध्या नगर और पिपलानी इलाके में रहने वाले बिहारी छात्रों को मोटी रकम लेकर अपनी इनोवा और टवेरा कार से छुड़वाने का काम करता था। जानकारी के अनुसार बती सुबह तडके तलैया पुलिस ने चेकिंग के दौरान जब छात्रों से भरी कार को रोककर पूछताछ की तब पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया। थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दीपक जोरी अयोध्या नगर स्थित राजीव नगर में रहता है, जो खुद का ट्रेवल्स चलाता है, ओर उसके पास दो इनोवा और दो टवेरा कारे है। पुलिस ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान अयोध्या और पिपलानी में रहने वाले सैकड़ों बिहारी छात्र फस गए थे, जिन्हें जाने के लिए कोई वाहन भी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में आरोपी ने उन्हें मोटी रकम लेकर उनके घरों पर भेजने का ऑफर दिया और पहले प्रत्येक छात्र से उनके प्रदेश और जिलों तक छुड़वाने के लिए 10 हजार के हिसाब से एडवांस ले लिये। बताया गया है कि आरोपी बाद मे उन्हे बची रकम ऑनलॉइन एकांउट के जरिये वापस कर देता था, लेकिन वो छात्रो से तय किलोमीटर के हिसाब से करीब तीन गुना रकम लेता था। रकम लेने के बाद आरोपी ने छह छात्रो को बीती सुबह टवेरा कार में बैठाकर रवाना कर दिया। वीआईपी रोड पर राजा भोज प्रतिमा के पास पुलिस का चेकिंग पॉइंट लगा था, चेकिंग के दौरान मौके पर तैनात पुलिस टीम ने टवेरा कार को रोककर पूछताछ की। जिसे रोहित वर्मा नाम का ड्राइवर चला रहा था। पूछताछ मे ड्राईवर ने बताया कि कार मे जो युवक बैठे हैं, वो सभी छात्र हैं, ओर वो उन्हें बिहार छोड़ने जा रहा है। दूसरे प्रदेश में जाने की बात सुनकर पुलिस टीम ने जब उससे परमिशन दिखाने को कहा तब ड्राइवर ने पुलिस वालों को अपने मोबाईल पर ऑनलाइन परमिशन दिखाई जिसे देख कर पुलिस टीम को कुछ संदेह हुआ और पुलिस ने थाने लाकर उस परमिशन की तस्दीक कराई। संबंधित एसडीएम से परमिशन के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वहां से ऐसी कोई परमिशन जारी नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने जब आरोपी चालक रोहित वर्मा से सख्ती से पूछताछ की तब उसने बताया कि उसे यह परमिशन गाडी ओर ट्रैवल्स मालिक दीपक जोशी ने दी है, ओर वो केवल ड्राईवरी करता है। ट्रैवल्स संचालक ड्राईवर को पांच सौ रुपये रोजाना ओर सौ रुपये नाईट चार्ज के हिसाब से पैसा देता था। आगे की जांच मे फर्जीवाडे का खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपी मालिक दीपक जोशी के खिलाफ फर्जी कागजात तैयार कर चार सौ बीसी का मामला दर्ज कर लिया। वहीं पुलिस का कहना है, कि कार ड्राइवर को आरोपी मालिक के फर्जीवाडे की कोई जानकारी नहीं थी, इसलिए उसे आरोपी नहीं बनाया गया है। मामला दर्ज कर पुलिस ट्रैवल संचालक दीपक जोशी की तलाश में जुट गई है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच मे सामने आया है कि शातिर ट्रैवल्स संचालक द्वारा पूर्व मे फर्जी ऑनलाईन आदेश के आधार पर दो बार बिहार के रहने वाले छात्रो को छूडवाया गया है।
एमपी मे सामने आया ऑनलाईन मिलने वाले पास के फर्जीपास का संभवत पहला मामला
अप्रैल 17, 2020
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