भोपाल। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पिछले डेढ़ माह लॉकडाउन की अवधि में 40 हजार 636 हैण्डपम्पों का सुधारा गया। इसके अलावा 6902 ऐसे हैंडपम्पों जहाँ का जल स्तर नीचे चला गया था वहाँ 34023 मीटर राईजर पाइप बढ़ाकर हैण्डपम्पों को चालू कराया गया। इसके अलावा 94 बसाहटों में जहाँ हैण्डपम्पों में जल स्तर बहुत नीचे चला गया। किन्तु नलकूप में पेयजल की उपलब्धता को देखते हुए उनमें सिंगल फेस मोटर पंप को स्थापित कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया गया है। इसी अवधि में 134 बसाहटों में नवीन नलकूप खनन कर हैण्डपम्प स्थापित किये गये और 60 टूटे-फूटे हैण्डपम्प प्लेटफार्म का पुनर्निमाण कराया गया है।
प्रमुख अभियंता सी.एस.संकुले ने बताया कि प्रदेश में 16 हजार 253 नल-जल योजनाएँ संचालित हैं इनमें से 14 हजार 891 योजनाएँ चालू हैं। बंद नल-जल योजनाओं में से 186 योजनाओं में स्त्रोत पर ही पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा स्थानीय ग्राम पंचायतों के सहयोग से 167 बंद नल-जल योजनाओं को चालू करवाया है। जबकि स्त्रोत असफल होने से विभाग ने बंद 41 योजनाओं में नवीन स्त्रोत का निर्माण कर पंचायतों के माध्यम से चालू कराया है। इस प्रकार 208 नल-जल योजनाएँ चालू की गई हैं।
प्रमुख अभियंता सी.एस.संकुले ने बताया कि प्रदेश में 16 हजार 253 नल-जल योजनाएँ संचालित हैं इनमें से 14 हजार 891 योजनाएँ चालू हैं। बंद नल-जल योजनाओं में से 186 योजनाओं में स्त्रोत पर ही पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा स्थानीय ग्राम पंचायतों के सहयोग से 167 बंद नल-जल योजनाओं को चालू करवाया है। जबकि स्त्रोत असफल होने से विभाग ने बंद 41 योजनाओं में नवीन स्त्रोत का निर्माण कर पंचायतों के माध्यम से चालू कराया है। इस प्रकार 208 नल-जल योजनाएँ चालू की गई हैं।