बेगमगंज। किसी गंभीर मर्ज या एक्सीडेंटल मामलों मंे सागर भोपाल रेफर किए जा रहे मरीज यहां से तो अस्पताल पहुंच जाते है लेकिन वहां से डिस्चार्ज किए जाने के बाद उन्हे न तो 108 एम्बूलेंस उपलब्ध कराई जा रही है और न ही प्रायवेट वाहन के लिए ई अनुमति प्रदान की जा रही है जिसके कारण दूसरे शहर में फसे ऐसे दर्जनों मरीज आए दिन परेशान हो रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले खानपुर गांव मंे ट्राली का पंचर बनाने के लिए टायर खोलेते समय स्टेपनी का रिंग उचटने से एक युवक गंभीर घायल हो गया था।घायल युवक मोहम्मद अली को रायसेन व रायसेन से भोपाल रेफर किया गया 108 उपलब्ध नहीं होने से बिना वाहन की अनुमति के एक प्रायवेट कार से रायसेन व रायसेन से भोपाल ले जाया गया। नाको पर तैनात पुलिस ने भी सहयोग किया। लेकिन शुक्रवार को हमीदिया अस्पताल से उसे डिस्चार्ज कर दिया गया शुक्रवार सुबह दस बजे से वह मरीज अपने भाई व भान्जे के साथ वाहन की व्यवस्था कराने के लिए प्रयासरत रहा लेकिन न तो उसे 108 उपलब्ध हो सकी और न ही प्रायवेट वाहन की अनुमति ही प्राप्त हो सकी। भोपाल मंे प्रायवेट एम्बूलेंस वाले उसे बेगमगंज तक छोड़ने के लिए साढे़ पांच हजार रूपए किराए की मांग कर रहे है जो उस गरीब के पास नहीं है। वह तीन हजार तक देने के लिए तैयार हो गया लेकिन एम्बूलेंस उसे उपलब्ध नहीं हो सकी। और न ही वाहन की ई अनुमति ही प्राप्त हो सकी है। मजबूर होकर उक्त मरीज बोगदा पुल पर आकर बैठ गया ताकि कोई वाहन उसे मिल जाए और वह अपने घर पहुंच सके। यह एक मरीज का हाल नहीं है गत दिनांे जिला चिकित्सालय रायसेन में भी यही स्थिती बनी थी तब भास्कर की पहल पर तहसीलदार रायसेन ने उक्त मरीज को वाहन उपलब्ध कराकर उसके गृह ग्राम गोडा खो तहसील बेगमगंज भिजवाया था वह केस भी एक्सीडेंटल ही था। इसी तरह एक अन्य मरीज की गर्दन में फेक्चर हो जाने पर उसे भी वाहन उपलब्ध नहीं होने पर मजबूरन बिना अनुमति के वाहन से रायसेन ले जाना पड़ा था। द्धीजीवी वर्ग हाजी चांद मिया एड., डीपी चैबे एड., एसएन रावत एड., विद्यानंद शर्मा, मंशाराम पंथी, कैलाश गुप्ता, मुन्ना अली दाना, महेश नेमा, राजेश इन्दोरी, गंभीर सिंह, ओमप्रकाश राठौर, रमेश प्रसाद पाराशर, उदयराम यादव, सईदकमर खान एड., राजेन्द्र सोलंकी एड., हाजी गुफरान खान, प्रवीण जैन, अन्नू जैन आदि ने मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चैहान से मांग की है कि ऐसे मरीजांे के
लिए यदि 108 उपलब्ध नहीं होती है तो प्रायवेट एम्बूलेंस या फिर प्रायवेट वाहन से मरीज को लाने ले जाने की सुविधा उसकी कंडीशन देखकर देने की व्यवस्था करने की मांग की है।
लिए यदि 108 उपलब्ध नहीं होती है तो प्रायवेट एम्बूलेंस या फिर प्रायवेट वाहन से मरीज को लाने ले जाने की सुविधा उसकी कंडीशन देखकर देने की व्यवस्था करने की मांग की है।