बेगमगंज। कुछ गंभीर मरीजों को लिए जब अस्पताल से रेफर कियाजा रहा है तो उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं 108 के किसी मरीज को लेकर जाने के कारण प्रायवेट वाहन की अनुमति नही ंहोने से कई मरीजांे की हालत बिगड़ रही है। कोई भी प्रायवेट कार चालक बिना वाहन की अनुमति के मरीज को सागर या भोपाल ले जाने के लिए तैयार नहीं है यदि वह रिस्क लेकर चला भी जाए तो भोपाल जाने में बिलखिरिया से आगे नहीं जाने दिया जाता तो सागर वाले उन्हें सिटी के अंदर नहीं घुसने दे रहे है बामुश्किल आरजू मिन्नत करके मरीज को ले जाने दिया जा रहा है। जिससे मरीजांे को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
सिविल अस्पताल से हार्ट, ब्लड प्रेशर, सुगर,डायलेसिस या फिर कोई एक्सीडेटल केस जब रेफर किया जाता है तो उसे सरकारी एम्बूलेंस उपलब्ध नहीं होने की दशा मंे प्रायवेट वाहन से ले जाने के लिए अनुमति की दरकार की जा रही है जो इतनी जल्दी संभव नहीं हो पा रही है जिससे कई मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण परेशानी हो रही है। कुछ पुलिस के अधिकारी मानवता का परिचय देते हुए बिना वाहन की अनुमति के रेफर पर्चेपर ही मरीज को सागर या भोपाल जाने दे रहे है लेकिन कुछ पुलिस कर्मी उन्हें जाने से रोक रहे है जिसके कारण कई मरीज मजबूरी में घर रहकर दवाएं ले रहे है जिन्हंे सही उपचार नहीं मिलने से उनका मर्ज बढ़ रहा है।
पीड़ितों श्ंाकर दयाल, मनोज गौड़, अभिलाष शर्मा, तारिक खान, शुबराती खां, अमजद खान, हेमराज कुर्मी, पर्वत सिंह आदि ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मांग की है कि ऐसे इमरजेंसी मरीजों के लिए ले जाने हेतु वाहन की अनमुति की उपलब्ध समाप्त कर बिना अनुमति के रेफर पर्चे पर जाने की व्यवस्था कराने की मांग की है और मरीज के साथ कम से कम दो व्यक्तियों के जाने की अनुमति देने की भी मांग की है।
सिविल अस्पताल से हार्ट, ब्लड प्रेशर, सुगर,डायलेसिस या फिर कोई एक्सीडेटल केस जब रेफर किया जाता है तो उसे सरकारी एम्बूलेंस उपलब्ध नहीं होने की दशा मंे प्रायवेट वाहन से ले जाने के लिए अनुमति की दरकार की जा रही है जो इतनी जल्दी संभव नहीं हो पा रही है जिससे कई मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण परेशानी हो रही है। कुछ पुलिस के अधिकारी मानवता का परिचय देते हुए बिना वाहन की अनुमति के रेफर पर्चेपर ही मरीज को सागर या भोपाल जाने दे रहे है लेकिन कुछ पुलिस कर्मी उन्हें जाने से रोक रहे है जिसके कारण कई मरीज मजबूरी में घर रहकर दवाएं ले रहे है जिन्हंे सही उपचार नहीं मिलने से उनका मर्ज बढ़ रहा है।
पीड़ितों श्ंाकर दयाल, मनोज गौड़, अभिलाष शर्मा, तारिक खान, शुबराती खां, अमजद खान, हेमराज कुर्मी, पर्वत सिंह आदि ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मांग की है कि ऐसे इमरजेंसी मरीजों के लिए ले जाने हेतु वाहन की अनमुति की उपलब्ध समाप्त कर बिना अनुमति के रेफर पर्चे पर जाने की व्यवस्था कराने की मांग की है और मरीज के साथ कम से कम दो व्यक्तियों के जाने की अनुमति देने की भी मांग की है।