बेगमगंज। कोरोना संक्रमण के चलते पूरे प्रदेश सहित देश में लाॅक डाउन के कारण मुख्यमंत्री विवाह योजना के कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाने से पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित हो गए है और आगे भी योजना के चालू होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। जिसके कारण मुख्यमंत्री के भान्जे भान्जियां अन बिहाई रह गई है। लोगो ने कन्या विवाह योजना के नियम सरल करते हुए सामूहिक के स्थान पर घर से विवाह करने पर भी उक्त योजना के अनुसार दी जाने वाली उपहार सामग्री की राशि प्रदान करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री विवाह योजना में पहले 25 हजार व 3 हजार की राशि मोबाइल के लिए दी जाती थी। जो कांग्रेस सरकार के समय सीधे 51 हजार रूपए कर दी गई जिसमंे 48 हजार सीधे कन्या के खाते में सरकार सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से जमा करती है वहीं तीन हजार रूपए संबंधि नगरीय निकाया या जनपद आदि को वैवाहिक खर्च आदि के लिए प्रदान करती है। लेकिन इस बार लाॅक डाउन के चलते सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सके है। वही ंपिछले वर्ष हुई शादियों की राशि भी कन्याआंे के खाते में नहीं पहुंच पाई है। नगर मंे हुई 134 शादियों मंे से मा. 64 के खातांे में राशि पहुंची उसके बाद सत्ता परिवर्तन होते ही लाॅक डाउन शुरू हो गया जिससे अभी तक शेष के खातो ंमंे राशि नहीं पहुंची है।
इस बार होने वाले विवाह के लिए जोड़े मिला लिए गए थे लेकिन सामूहिक कार्यक्रम आयोजित होने के कारण जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल सका है। अब जबकि विवाह तय हो गए है और शासन ने भी वैवाहिक कार्यक्रमो को कुछ शर्तो के साथ अनुमति देना शुरू कर दिया है तब जरूरतमंदो का ध्यान रखते हुए शासन एक कन्या के विवाह के लिए भी घर से विवाह सम्पन्न कराने पर 51 हजार की राशि प्रदान करे जिससे गरीबों को योजना का लाभ मिल सके।
नगर के बुद्धिजीवियांे सहित समाज सेवियांे हाजी चांद मियां एड., शिवराज सिंह ठाकुर एड., मो. मतीन सिद्दीकी एड., भरत सिंह बुंदेला एड.,सईद कमर खान एड., समाज सेवी शिवनारायण नीखरा, रफीक मंसूरी, हाजी नफीस नवाब,राकेश भार्गव, मो. बाबर, एहफाज सौदागर, सुरेन्द्र कुशवाहा, अमर सिंह शाक्य, महफूज पायलेट, अस्सू नाना, भावसिंह पंथी, सालगराम नेमा, राजेश घोषी सहित अनेको लोगो ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मांग की है कि मुख्यमंत्री विवाह योजना में ऐसे जरूरतमंद परिवारांे के लिए योजना का लाभ घर से सिंग्गल विवाह करने पर भी प्रदान किया जाए ताकि गरीबांे को उक्त योजना का लाभ मिल सकें।
मुख्यमंत्री विवाह योजना में पहले 25 हजार व 3 हजार की राशि मोबाइल के लिए दी जाती थी। जो कांग्रेस सरकार के समय सीधे 51 हजार रूपए कर दी गई जिसमंे 48 हजार सीधे कन्या के खाते में सरकार सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से जमा करती है वहीं तीन हजार रूपए संबंधि नगरीय निकाया या जनपद आदि को वैवाहिक खर्च आदि के लिए प्रदान करती है। लेकिन इस बार लाॅक डाउन के चलते सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सके है। वही ंपिछले वर्ष हुई शादियों की राशि भी कन्याआंे के खाते में नहीं पहुंच पाई है। नगर मंे हुई 134 शादियों मंे से मा. 64 के खातांे में राशि पहुंची उसके बाद सत्ता परिवर्तन होते ही लाॅक डाउन शुरू हो गया जिससे अभी तक शेष के खातो ंमंे राशि नहीं पहुंची है।
इस बार होने वाले विवाह के लिए जोड़े मिला लिए गए थे लेकिन सामूहिक कार्यक्रम आयोजित होने के कारण जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल सका है। अब जबकि विवाह तय हो गए है और शासन ने भी वैवाहिक कार्यक्रमो को कुछ शर्तो के साथ अनुमति देना शुरू कर दिया है तब जरूरतमंदो का ध्यान रखते हुए शासन एक कन्या के विवाह के लिए भी घर से विवाह सम्पन्न कराने पर 51 हजार की राशि प्रदान करे जिससे गरीबों को योजना का लाभ मिल सके।
नगर के बुद्धिजीवियांे सहित समाज सेवियांे हाजी चांद मियां एड., शिवराज सिंह ठाकुर एड., मो. मतीन सिद्दीकी एड., भरत सिंह बुंदेला एड.,सईद कमर खान एड., समाज सेवी शिवनारायण नीखरा, रफीक मंसूरी, हाजी नफीस नवाब,राकेश भार्गव, मो. बाबर, एहफाज सौदागर, सुरेन्द्र कुशवाहा, अमर सिंह शाक्य, महफूज पायलेट, अस्सू नाना, भावसिंह पंथी, सालगराम नेमा, राजेश घोषी सहित अनेको लोगो ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मांग की है कि मुख्यमंत्री विवाह योजना में ऐसे जरूरतमंद परिवारांे के लिए योजना का लाभ घर से सिंग्गल विवाह करने पर भी प्रदान किया जाए ताकि गरीबांे को उक्त योजना का लाभ मिल सकें।