भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद भीमा नायक, शहीद टंट्या मामा ने जनजातीय संस्कृति की रक्षा और अंग्रेजों से देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ शोषण, धर्मान्तरण को रोकने और हमारी संस्कृति को बचाने के लिए निरन्तर संघर्ष किया। उन्होंने जनजातियों की पूजा-पाठ की पद्धतियों, जीवन मूल्यों और संस्कृति की रक्षा और आजादी के लिए निरंतर कार्य किया। जनजातीय वर्ग के शहीदों के स्मारकों पर उनके जन्म दिवस पर हर वर्ष मेले लगेंगे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान आज बड़वानी जिले के ग्राम ऊंची में आयोजित जन-जातीय गौरव सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी को दोनों हाथ उठाकर संकल्प भी दिलाया कि वे अपनी संस्कृति, परम्परा, जीवन मूल्य को बचाने में योगदान देंगे।
समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भगवान बिरसा मुण्डा की फोटो पर माल्यार्पण तथा कन्या पूजन के साथ किया। समारोह में केन्द्रीय राज्य मंत्री इस्पात श्री फग्गनसिंह कुलस्ते, आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी, खरगोन-बड़वानी सांसद श्री गजेन्द्रसिह पटेल, बैतूल सांसद श्री दुर्गादास उईके, धार सांसद श्री छतरसिंह दरबार आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद भीमा नायक, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, टंट्या भील जैसे महानायकों ने योगदान दिया। हम इन महानायकों के योगदान को कभी भुला नही सकेंगे। भारत की मुख्य धारा देश की जनजातियां हैं। जनजातीय परम्पराओं एवं संस्कृति को अक्षुण्य रखने के प्रयास किए जायेंगे। कुछ लोग भ्रम फैलाकर देश में हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक समरसता को तोड़ने का प्रयास कर रहे है। लोभ, लालच, भय और प्रलोभन देकर धर्मान्तरण करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। मध्यप्रदेश की धरती पर लव-जिहाद नहीं होने देंगे, इसके लिए जल्द ही प्रदेश में कानून बनाया जायेगा। बेटियों को बहला-फुसलाकर विवाह करने वालों को 10 साल की सजा का प्रावधान किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जिन जनजातीय भाई बहनों को भूमि के पट्टे दिए गए है, उन्हें मुख्यमंत्री सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ भी दिया जायेगा। प्रदेश में जनजातियों का शोषण और लूट नहीं होने दी जायेगी। जिन अवैध साहूकारों ने जनजाति परिवारों को कर्जा दिया है और सम्पत्ति गिरवी रखी है, ऐसे सभी अवैध कर्जों को मध्यप्रदेश में माफ कर दिया गया है। अवैध साहूकारों के विरूद्ध जनजातीय ऋण विमुक्त अधिनियम 2020 बनाया गया है। इसके तहत जनजातीय वर्ग की सम्पत्ति गिरवी रखने वाले अगर उनकी गिरवी सम्पत्ति वापस नहीं करते हैं, तो उन्हें जेल की सजा का प्रावधान भी किया गया है।
