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भू-माफिया और दबंगों से मुक्त करवाई गई भूमि पर गरीबों के लिये बनेंगे आवास - मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नव वर्ष में जनवरी माह से विशेष अभियान संचालित कर आवासहीन गरीब लोगों को रहने के लिए जमीन दी जाएगी। भू-माफिया और दबंगों से मुक्त करवाई गई भूमि पर गरीबों को आवास बना कर देने का यज्ञ भोपाल नीलबड़ से प्रारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्राम में जिनके पास रहने के लिए भू-खंड नहीं है, उन्हें 4 जनवरी, 2023 से प्रारंभ किये जा रहे अभियान में प्राप्त आवेदनों के आधार पर नि:शुल्क आवासीय पट्टा प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री आवासीय भू- अधिकार योजना में रिक्त भूमि निर्धन वर्ग को आवंटित की जाएगी। हुजूर क्षेत्र भी इससे लाभान्वित होगा। शहरी क्षेत्र में जो जहाँ रह रहे हैं और जो पुराने कब्जाधारी हैं, उनको पक्का मकान बना कर देने की योजना भी प्रारंभ की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नीलबड़ क्षेत्र में गरीबों के आवास के लिए भूमि-पूजन कर आज के दिन को ऐतिहासिक बना दिया। भोपाल नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में गरीब और आवासहीन लोगों के लिए लगभग 60 करोड़ रूपये की लागत से घर बनाए जायेंगे। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम कलखेडा तहसील हुज़ूर में 40 एकड़ भूमि भू-माफिया के अतिक्रमण से मुक्त करवाई गई थी। इस जमीन का बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रूपये है। भू-माफिया इसरार खान, प्रताप राजवंश, श्याम सिरोनिया के विरूद्ध थाना रातीबड़ जिला भोपाल में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्यवाही भी की गई थी। ये सभी 5 माह तक जेल में रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज नीलबड़ तिराहे पर 215 करोड़ रूपये की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नीलबड़ तिराहा पहुँचते ही माँ सिंह वाहिनी दरबार जाकर नमन किया। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, जन-प्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नीलबड़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। वे लोग जो सरकारी जमीनों पर कब्जा करते थे, दादागिरी और गुंडागर्दी करते थे, उनसे मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर अब गरीबों के मकान बनेंगे। इन व्यक्तियों ने एक या दो एकड़ नहीं हजारों एकड़ जमीन दबा रखी थी। दुर्भाग्य यह है कि पूर्व सरकार के लोग उन्हें प्रोत्साहित करते थे।

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