बेगमगंज। एकल अभियान अंचल बरेली केंद्र के अंतर्गत एकल विद्यालय जिले के नवीन आचार्यों दीदियों के संच सियावास के ग्राम पांडाझिर में आयोजित द्विदिवसीय वर्ग के समापन अवसर पर उपस्थित आचार्यों को संबोधित करते हुए संत समिति के अध्यक्ष शुभम दुबे आचार्य ने कहा कि शिक्षा ही संस्कारों की जननी है वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा तो आवश्यक है ही परंतु शिक्षा वही हो जो संस्कारों को प्रदान करें आज समाज में लगातार संस्कारों का ह्रास हो रहा है इसीलिए हमें संस्कार युक्त शिक्षा देने का काम ग्रामीण अंचल के गरीब छात्र-छात्राओं को करना है ताकि वह भारत के एक संस्कारित समाज का निर्माण कर सकें एकल अभियान का कार्य बड़ा दुष्कर कार्य है क्योंकि हम निस्वार्थ भावना से इस काम को पूरी निष्ठा और समर्पण भाव के साथ करने जा रहे हैं इसको कार्य रूप में करने से पहले आपको अपने आप को प्रशिक्षित होने की आवश्यकता है इसीलिए आपका यह प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया ताकि आप यह ज्ञात कर सकें आपको अपने सेवा क्षेत्र में क्या-क्या कठिनाइयां आएंगी और उनका समाधान आपको कैसे करना है साथ ही समाज में फैली हुई कुरीतियों को मिटाकर समाज को जागृत करने का काम भी आप सभी को करना है। इसी मनोभाव से आप समाज के वह दीन हीन गरीब पिछड़े, आदिवासी समुदायों एवं जिन्हें संस्कारो की आवश्यकता है उनके बीच प्रकाश ज्ञान का फैलाना है। इस अवसर पर समिति के सचिव आदित्य श्रीवास्तव ने भी नवीन आचार्य दीदियों को अपने कर्तव्य का बोध कराया एवं आचार्यों को अपनी ऊर्जा का उपयोग कैसे करना है उससे अवगत कराया इसी क्रम आचार्यों को नैतिकता एवं कार्य को सही तरीके से करने के नए नए आयाम बतलाए।
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| प्रशिक्षण वर्ग का |
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष कमलेश गुप्ता, संभाग प्रभारी रामविलास उइके, राधेश्याम साहू,संच समिति के उपाध्यक्ष राजा बाबू सेन संच अभियान प्रमुख गंधर्व सिंह लोधी ,एवं पूर्व एकल अभियान प्रमुख नियतेंद्र सोनी सहित आचार्य दीदी उपस्थित रहे ।

