बेगमगंज। घर में चूल्हे पर लकड़ी जलाकर चाय बनाई जा रही थी तभी 1 वर्षीय मासूम खेलते हुए ठोकर लगने से चूल्हे के ऊपर गिर गई जिससे खौलती हुई चाय उसके ऊपर गिर जाने से गंभीर रूप से घायल हो गई परिजन तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर अवस्था में उसे रायसेन रेफर किया गया है।
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| चाय से जली बालिका का उपचार करते हुए |
शासन भले ही लाख दावे करें कि हमने लोगों को धुए से मुक्ति दी है लेकिन गैस के बढ़ते हुए दाम मध्यम परिवारों को भारी पड़ रहे हैं और वह फिर से धुआं युग की तरफ लौट चुके हैं जिसका परिणाम ग्राम बिछुआ में सामने आया जब एक मासूम चूल्हे पर गिरी तो उस पर बन रही चाय उसके पूरे जिस्म पर फैल गई आग तो बुझ गई लेकिन मासूम के शरीर में फफोले पड़ गए।
ग्राम बिछुआ गावँ निवासी मानसिंह के घर में लकड़ी जला कर भोजन बनाया जाता है सुबह के समय उनकी पत्नी ने चाय बनाने के लिए पानी चूल्हे पर रखा उसमें चाय पत्ती डालकर चाय तैयार की जा रही थी वह किसी काम से उठी इसी बीच एक साल की मासूम बच्ची देविका खेलते खेलते चूल्हे के पास पहुंची और ठोकर लगने से गिर गई। जिससे गरम चाय उसके ऊपर गिरने से बुरी तरह झुलस गई।
परिजनों द्वारा तत्काल सिविल अस्पताल इलाज के लिए लाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद मासूम को जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया है।फिलहाल मासूम की हालत बेहद ही नाज़ुक बनी हुई है।
उक्त घटना सरकार के दावों की पोल खोलती नजर आती है जिसमें दावा किया जाता है कि हमने महिलाओं को धुआं से बचने के लिए निशुल्क गैस सिलेंडर प्रदान किए हैं लेकिन गरीबों के पास इतना पैसा नहीं है कि हजार रुपए से ऊपर की गैस उसमें भरवा सकें यही वजह है कि लोग लकड़ी कंडे का उपयोग कर रहे हैं।
जन चर्चा है कि यदि गैस पर चाय बन रही होती तो वह बच्ची की पहुंच से दूर होता और यह हादसा नहीं हो पाता चूल्हा जमीन में होता है जिसकी वजह से उक्त घटना घटित हो गई।

