यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय में रजत जयंती समारोह का आयोजन
भोपाल। आयुर्वेद की भांति यूनानी पद्धति भी एक प्राचीन एवं अत्यंत उपयोगी चिकित्सा पद्धति के रूप में जानी जाती है। इसीलिए यूनानी पद्धति के उत्थान एवं विकास के लिए सरकार वचनबद्ध है। वहीं देश और प्रदेश में अलग पहचान दिलाने की जिम्मेदारी यूनानी चिकित्सकों की भी है, इसलिए जरूरी है कि चिकित्सक यूनानी औषधियों को प्राथिमिकता दें।
यह कहना है आयुष मंत्री राम किशोर कावरे का, जोकि शासकीय यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय के रजत जयंती उत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर कावरे ने छात्रावास के शीघ्र निर्माण आरम्भ किये जाने की भी घोषणा की। वहीं कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर मेहमूदा बेगम ने वार्षिक प्रतिवेदन में उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए इसी सत्र से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारम्भ होने की जानकारी दी। इस अवसर पर छात्र छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनको बाद में आयुष मंत्री ने पुरस्कृत किया। इस मौके पर अधीक्षक डॉ. सलीम अहमद, उप अधीक्षक डॉ. सुनील वाने, डॉ. काशिफ अनवर, डॉ. कहकशां जाफरी, डॉ. अहसान अहमद, डॉ. अल्ताफ शाह, डॉ. दिलशाद अली, डॉ. रहमान, डॉ. अब्बास जैदी, डॉ. आरिफ आदि थे।

