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हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

बेगमगंज। खेती किसानी के काम में मामूली विवाद पर हत्या कर देने के मामले में अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विवेक शिवहरे द्वारा थाना सुल्तानगंज के सत्र प्रकरण  में निर्णय पारित करते हुए आरोपी संतोष आदिवासी पिता गोटीराम आदिवासी आयु 37 वर्ष निवासी ग्राम रहमा खमरिया थाना सुल्तानगंज को धारा 302 भादवि अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 1000 रूपए के जुर्माने से दण्डित कियाहै।

शासकीय अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह गौर ने पैरवी की उन्होंने बताया कि  12 नवंबर 2021 को  मृतक प्रातः 8:00 बजे अपने खेत पर मवेशी बांधने गया था तब उसने देखा कि पास ही स्थित खेत जो अभियुक्त का था, द्वारा उसकी सक्शन  को उठाकर स्वयं के उपयोग में लगा लिया है जब मृतक ने इस संबंध में अभियुक्त से पूछा तो उसने मृतक जगदीश को अश्लील गालियां दी और उसके सिर और पीठ पर डण्डे से प्रहार किया जिससे मृतक जगदीश को गंभीर चोटें आई और उसके जोर से चिल्लाने पर  मृतक का चचेरा भाई माखन उसे बचाने पहुंच गया तब अभियुक्त ने उससे कहा कि उसने जगदीश को मार दिया है उठा ले जाओ । उक्त घटनाक्रम के बाद मृतक के चचेरे भाई द्वारा  जगदीश को  घायल अवस्था में गांव लेकर पहुंच और संपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी मृतक के परिवारजन को दी परिजन गंभीर घायल जगदीश को उपचार हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे  तथा  घटना की रिपोर्ट थाना सुल्तानगंज में की गई जिस पर पुलिस द्वारा धारा 307 भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया। डॉक्टर ने घायल जगदीश को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया उपचार के दौरान आहत जगदीश की मृत्यु हो गई। बाद विवेचना अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र धारा 302 भादवि के तहत माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। 

जिस पर प्रथम अपर सत्र न्यायालय, विवेक शिवहरे द्वारा संपूर्ण अभियोजन साक्षियों के न्यायालयीन कथनों तथा घटना में आई साक्ष्य का मूल्यांकन कर आरोपी संतोष आदिवासी पिता गोटीराम आदिवासी उम्र 37 वर्ष को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 1000 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है।