- भारतीय मजदूर संघ के पुरी में अखिल भारतीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के अनुसार 46 सूत्री मांगों के समाधान की मांग की
भोपाल। भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिकों और कर्मचारियों की सालों से लंबित ज्वलंत मांगों के साथ ही समस्याओं के समाधान की मांग करते राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया। इसके तहत मध्यप्रदेश की राजधानी में रैली के बाद कलेक्टोरेट पहुंच कर 46 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।

इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजन नायर ने बताया कि भामसं के पूरी में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि देशभर में 25 फरवरी को विरोध दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत देशभर में रैलियां करके भामसं ने प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे गए। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने और समस्याओं का समाधान नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन का अल्टीमेटम भी दिया गया है। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालो में भामसं के अखिल भारतीय मंत्री रामनाथ गणेशे एवं प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, प्रदेश मंत्री मेघा दुबे, विभाग प्रमुख कमलेश नागपुरे, जिला अध्यक्ष हीरा रान्वे, जिला मंत्री रघुनाथ सिंह दांगी, जितेंद्र सिंह, संजय बाथम, रमेश नागर, अनिल एडविन सहित सैंकड़ो कार्यकर्ता शामिल हुए।
पीएम और श्रममंत्री के साथ ही सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
भामसं के प्रदेश मंत्री राजन नायर के अनुसार श्रमिक, कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया गया। इसके तहत सौंपे ज्ञापन में देश एवं प्रदेश के विभिन्न गिगवर्कर्स, आउटसोर्स, श्रमिक, कर्मचारी, अधिकारी, पेंशनरों की जायज मांगों को लेकर समस्त जिला केंद्रों पर 46 सूत्रीय मांगो के साथ जिला स्तर पर बीएमएस की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रत्येक जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधान मंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किए गए।
श्रम कानून के चार में से दो कोड में सुधार की मांग
भामसं ने साफ किया है कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए श्रम कानून के चार कोड में से दो कोड का भामसं पूर्व से ही समर्थन करता आ रहा है। हालांकि शेष दो कोड में कुछ कमियां होने के कारण भारतीय मजदूर संघ तीन और चार कोड में सुधार चाहता है। इसके लिए केंद्रीय श्रम मंत्री से कई बार पत्राचार एवं मीटिंग करके चर्चा में अपना पक्ष स्पष्ट किया जा चुका है। बावजूद श्रम कानून में सुधार न होने के कारण पूरे देश मे धरना-प्रदर्शन का आयोजन करना पड़ रहा है। अगर शीघ्र समाधान नहीं होता है तो देशभर में आंदोलन भड़क जाएगा।