- एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग पर जब्त करके आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करके ढ़ाबा संचालकों को दिया अल्टीमेटम
मंडला। मंडला नगरीय क्षेत्र में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने आज कड़ा रुख अपनाया। शनिवार को खाद्य, राजस्व और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मंडला के प्रमुख होटलों और ढाबों पर औचक छापेमारी की, जिसमें भारी अनियमितता मिलने पर 8 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।

छापामारी से ढ़ाबा संचालकों में मचा हड़कंप
प्रशासन को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियम विरुद्ध घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। इसी के चलते संयुक्त टीम ने मंडला नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। नतीजे में जांच दल के पहुंचते ही कई होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई नामी होटलों और ढाबों की रसोई में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों से खाना पकाया जा रहा था। इसमें एनएच-34 रेस्टोरेंट से सर्वाधिक-3 सिलेंडर बरामद किए गए, जबकि राजस्थानी ढाबा से 3 सिलेंडर अवैध रूप से उपयोग होते पाए गए। इसी तरह विशाल भोजनालय से 1 सिलेंडर जब्त किया गया, विशाल ढाबा से भी-1 सिलेंडर को टीम ने अपने कब्जे में लिया।
घरेलू गैस सिलेंडर के कामर्शियल उपयोग पर प्रकरण दर्ज
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि व्यावसायिक कार्यों में घरेलू गैस का उपयोग आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। जब्त किए गए सभी 8 सिलेंडरों के उपयोगकर्ता ढ़ाबा संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
औचक कार्रवाई में शामिल रही अधिकारियों की टीम
इस संयुक्त कार्रवाई में प्रभारी तहसीलदार हिमांशु भलावी, जिला आपूर्ति अधिकारी संत कुमार भलावी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगामी दिनों में भी इस तरह की संयुक्त जांच निरंतर जारी रहेगी। अधिकारियों ने सभी होटल और ढाबा संचालकों को अल्टीमेटम दिया है कि वे केवल नीले (व्यावसायिक) सिलेंडरों का ही उपयोग करें, अन्यथा उनके लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।