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हम स्वतंत्रता के लिए तो चिंतित है परंतु उस पर लगाए गए प्रतिबंधों के प्रति हमारी सतर्कता कम: जस्टिस अशोक पांडेय

  • सीएपीटी भोपाल में अभियोजन अधिकारियों के रिफ्रेशर कोर्स का 7 वां बैच प्रारम्भ
  • संचालक अभियोजन प्रजापति ने ट्रेनिंग को तात्कालिक समय की बड़ी जरुरत बताया

भोपाल।
स्वयं के अधिकारों के प्रति सजगता के साथ-साथ अन्य के अधिकारों का अतिक्रमण न हो। राज्य के दायित्व के साथ-साथ नागरिकों का दायित्व भी महत्वपूर्ण है। इस पर चिंतन जरुर करें।


                                                                                                                                                                                                      यह विचार पूर्व लोक सभा अध्यक्ष जस्टिस अशोक पांडेय ने सोमवार को अभियोजन अधिकारियों के 17वें बैच के उद्घाटन मौके पर व्यक्त किए। इसका आयोजन सीएपीटी में किया गया है, जिसमें प्रदेश के 50 अभियोजन अधिकारी शामिल हैं। इस अवसर पर संचालक अभियोजन भूरेलाल प्रजापति, सहायक संचालक महेंद्र सिंह गौतम, ट्रेनिंग हेड एवं सहायक संचालक अभिषेक बुंदेला, राजगौरव तिवारी सहायक संचालक (अपील), जनसंपर्क अधिकारी एडीपीओ मनोज त्रिपाठी, आशीष दुबे एडीपीओ, बिहारी बघेल एडीपीओ सहित अभियोजन संचालनालय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन मनीष शर्मा एडीपीओ के द्वारा किया गया।



स्वतंत्रता के लिए चिंतित, लेकिन प्रतिबंधों की परवाह नहीं

मुख्य अतिथि अशोक कुमार पांडेय पूर्व अध्यक्ष लोक सेवा आयोग का आगमन हुआ। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना पर उनके चिंतन को अभिव्यक्त किया और बताया कि प्रस्तावना को भारत के लोग अर्थात हम नागरिकों ने आत्मार्पित किया है, पर हम स्वतंत्रता के लिए तो चिंतित है परंतु उस पर लगाए गए प्रतिबंधों के प्रति हमारी सतर्कता देखने को कम ही मिलती है। स्वयं के अधिकारों के प्रति सजगता के साथ-साथ अन्य के अधिकारों का अतिक्रमण न हो, इस पर उन्होंने जोर दिया। राज्य के दायित्व के साथ-साथ नागरिकों का दायित्व भी महत्वपूर्ण है। इस पर चिंतन को आवश्यक बताया। जस्टिस पांडेय ने संविधान को एक ऐसा फाउंटेन बताया, जिससे सभी विधि एवं नागरिक अधिकार अभिसिंचित होते है। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों के लिए चलाए जा रहे रिफ्रेशर कोर्स को मील का पत्थर बताया और अपनी शुभकामनाएं ज्ञापित की।



न्यायिक अधिकारियों के समान ही अभियोजन में सतत प्रशिक्षण

इसी अवसर पर संचालक अभियोजन भूरेलाल प्रजापति के द्वारा सभी अभियोजन अधिकारियों को न्यायिक अधिकारियों के समान ही सतत प्रशिक्षण की अपनी प्रतिबद्धता को बताया और अभियोजन के लिए किए जा रहे संचालनालय के कार्यों की जानकारी दी। प्रजापति ने अभियोजन अधिकारियों को ट्रेनिंग में प्रदान किए जा रहे विषय को तात्कालिक समय की आवश्यकता बताया ।




प्रदेशभर के 1400 अभियोजन अधिकारियों का होगा प्रशिक्षण

रीफ्रेशर की शुरुआत 2 फरवरी 2026 से हुई है, जिसमें 50-50 अभियोजन अधिकारियों के कुल 20 बैच बनाए गए थे। हालांकि अब 30 मार्च से शुरु 100 अभियोजन अधिकारियों के बैच की स्वीकृति मिलने से अब आगे के बैच 100-100 अभियोजन अधिकारियों के होंगे। ऐसे में मई तक प्रदेशभर के अभियोजन अधिरियों को रीफ्रेशर कोर्स कराया जा सकेगा।

-सुधा विजय सिंह भदौरिया,
मेंबर, ट्रेनिंग कोआर्डीनेशन कमेटी

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