- मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के नवनियुक्त पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिया गया प्रशिक्षण कि, कैसे संगठन चलना है और संगठन वर्तमान स्थिति को देखते हुए और मजबूत कैसे हो
भोपाल। प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सीधी भर्ती शुरु करवाने के लिए अब प्रदेशभर में बडेÞ आंदोलन की तैयारी हो गई है। पहले समस्त जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपे जाएंगे, जिसके बाद भी सुनवाई नही होती है तो प्रदेशभर में कर्मचारी सड़कों पर उतर आंएगे।

यह अल्टीमेटम मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने रविवार को संघ की प्रादेशिक कार्यकारिणी की बैठक में दी। इस बैठक में नवनियुक्त पदाधिकारियों को इस बात ट्रेनिंग भी दी गई कि संगठन आगे कैसे चलना है और कर्मचारियों की मांगों के लिए संघर्ष की तैयारी कैसे करें।
समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया संघर्ष का मंत्र
बैठक में मुख्य रूप से कर्मचारियों की मांगों के संबंध में तथा मूलभूत समस्याओं को लेकर संघर्ष का मंत्र दिया गया। समस्याओं का निराकरण कैसे हो साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सीधी भर्ती करने के लिए सरकार को ज्ञापन दिया जाए और उसके बाद भी निर्णय नहीं होता तो एक भोपाल में बड़े आंदोलन की तैयारी की जाए, जिसकी तिथि भी शीघ्र घोषित की जाएगी।
आउटसोर्स कर्मचारियों की सदस्यता पर जोर
आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों के निराकरण को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें यह निर्णय लिया गया कि निरंतर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी आ रही है और संगठन के विधान में यह व्यवस्था है कि प्रदेश में कार्यरत आउट सोर्स कर्मचारी, कोटवार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, अंशकालीन कर्मचारी, आशा, उषा कार्यकर्ता, रसोईया की सदस्यता बढ़ाई जाए।
नई दिल्ली में 7 जून को होगा देशव्यापी प्रदर्शन
आउट सोर्स कर्मचारी, कोटवार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, अंशकालीन कर्मचारी, आशा, उषा कार्यकर्ता, रसोईया की मांगों के लिए संघर्ष की तैयारी करके 7 जून 2026 को नई दिल्ली में देशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी तैयारी के लिए अभी जिलों में बैठकें और संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

10 उपाध्यक्ष, 10 प्रांतीय सचिव, 4 महामंत्री बनाए गए
नवनियुक्त पदाधिकारी में 10 उपाध्यक्ष, 10 प्रांतीय सचिव, 4 महामंत्री बनाए गए हैं। वहीं एक कार्यकारी अध्यक्ष, पांच प्रचार सचिव, पांच संगठन सचिव के साथ ही सम्मानित सदस्य बनाए गए हैं। जिलों और संभागों का प्रभारी भी बनाया गया है, जैसे सागर संभाग, रीवा संभाग, उज्जैन संभाग, जबलपुर संभाग, चंबल संभाग हैंं। निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय मांगों को लेकर कलेक्टर को पत्र दिया जाए, जिसमें संयुक्त परामर्श दात्री समिति की बैठक निरंतर करने और स्थानीय समस्याओं का निराकरण शीघ्र होने की संभावना बनाएं।
जिला प्रतिनिधियों ने खुलकर रखी अपनी-अपनी बात
संघ के प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि आज प्रशिक्षण शिविर में सम्मिलित जिलों में उमरिया, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर, भोपाल, इंदौर, धार, रायसेन, कटनी, ग्वालियर के प्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं पदाधिकारियों में मुख्य रूप से संघ के मार्गदर्शक निहाल सिंह जाट, महामंत्री धर्मेंद्र शर्मा, अजय दुबे, गौरी शंकर मालवीय, जिला अध्यक्ष राम कुंडल सेन, कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर भार्गव, प्रांतीय सचिव अनिल शर्मा के साथ-साथ बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण शिविर में खुलकर अपनी-अपनी बात रखी।