- जीआरपी भोपाल ने 6 सदस्यीय गिरोह से वाहन सहित कुल 9 लाख रूपए का माल बरामद किया
- पहचान छिपाने के लिए होटल-लॉज में नहीं जाते, कार में ही खाना-सोना के साथ ही छिपे रहते हैं
भोपाल। क्लबबाजी और नशे के लिए ज्यादातर आर्मी जवानों को निशाना बनाने वाली दिल्ली की 6 सदस्यीय अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग को जीआरपी भोपाल ने धर दबोचा है। चौथी और पांंचवी कक्षा तक पढेÞ सारे आरोपी दिल्ली के बवाना इलाके के हैं, जोकि पहचान उजागर नहीं होने देने लिए ट्रेन या बस के बजाय दिल्ली से अपनी कार से निकलते और बिना किसी होटल या लॉज में रुके रेलवे स्टेशनों के आसपास मंडराते रहते थे। इस दौरान कार में ही सोते-खाते और छिपे रहते थे।

3-ईएमई के जवान ने दर्ज करवाई थी एफआईआर
17 अप्रैल को फरियादी अमर सिंह निवासी बिशारतगंज, बरेली, वर्तमान-3 ईएमई सेंटर लालघाटी भोपाल ने जीआरपी थाने में रिपोर्ट की। इसमें बताया गया कि उद्योग नगरी एक्सप्रेस से भोपाल से पुणे की यात्रा के लिए स्टेशन भोपाल आया था। तब ट्रेन आने में समय होने से भीड़भाड़ में किसी ने मेरा मोबाइल चोरी करके एटीएम के माध्यम से रुपए निकाल लिए हैं। इस पर जीआरपी ने तत्काल घटनास्थल के सीसीटीवी खंगाले तो फरियादी के आसपास करीब आधा दर्जन संदिग्ध लोग घेर कर खडेÞ दिखाई दिए। इसको देखने पर आर्मी जवान को दिखाने पर उसने पुष्टि की, जिसके बाद जीआरपी ने स्टेशन और आसपास घेराबंदी की। इसी दौरान स्टेशन के पास हरियाणा के नंबर वाली कार दिखाई दी, जिसके बारे में पूछताछ में सामने आया कि कार में ही कुछ लोग रहते हैं और उसी में खा-पीकर सो जाते हैं। इस पर घेर कर कार सहित जीआरपी ने पकड़ने के बाद पूछताछ की तो खुलासा हो गया। इसी बीच इदंौर से भी इसी तरह लूट की सूचना मिली, जोकि इसी गिरोह ने की थी। यह गैंग दिल्ली, मथुरा आदि में गिरफ्तार होने के बाद अब मध्यप्रदेश के स्टेशनों पर लूट कर रही थी।
कार से सफर, उसी में खाना-सोना और शिकार करना
जीआरपी टीम को ने स्टेशन भोपाल से पकडेÞ गए संदेही जोगिंदर पिता कृष्ण अवतार निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली, दिलशाद पिता मोहम्मद सोहेल निवासी ए ब्लॉक जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली, अरशद पिता अजगर अली निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली, सुमित उर्फ धीरज पिता राजीव लाल निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली, मोहम्मद अनवर पिता मोहम्मद इसराइल निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली एवं मोहम्मद अमतुल्लाह पिता अब्दुल सलाम निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली से पूछताछ की। इस पर बताया कि हम निजी वाहन से दिल्ली से आकर भीड़भाड़ वाले अलग-अलग स्टेशनों पर जाकर यात्रा कर रहे सेना के जवानों एवं यात्रियों को टारगेट करते हैं। अपनी बातों में बहला फुसला कर नगदी नोटों की कागज की बनी हुई नकली गड्डी दिखाकर एवं उन्हें भरोसे में लेकर उनका मोबाइल एवं एटीएम कार्ड चोरी कर लेते थे।
नकली नोटों की गड्डी दिखाकर फंसाते हैं
पूछताछ में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी स्टेशन पर घूमते हुए आर्मी जवानों को घेरते थे, क्योकि इनके मोबाइल में ट्रांजेक्शन की लिमिट नही होती। ऐसे में एक नोटों की गड्डी दिखाता और बताया कि बिहार में काम करता था, मालिक ने सेलरी नहीं दी, मारता था, जिससे चोरी करके भाग आया है। इस दो लाख को अपने पास रख लो। इसके बाद अपने दो लाख के बदले बाद में एक लाख देने का झांसा देकर अपने शिकार का मोबाइल चेक करते, ताकि उसमें बैलेंस दिखाई दे। इस दौरान पिन नंबर देख लेते और बाद में ट्रेन में साथ सफर करते हुए नकली नोटों की गड्डी और मोबाइल चोरी करते। बाद में एटीएम में पिन नंबर एंट्री करके खाता खाली कर देते।
इन टप्पेबाजों को पकड़ा गया
1-जोगिंदर पिता कृष्ण अवतार निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली
2-दिलशाद पिता मोहम्मद सोहेल निवासी ए ब्लॉक जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली
3-अरशद पिता असगर अली निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली
4-सुमित उर्फ धीरज पिता राजीव लाल निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली
5-मोहम्मद अनवर पिता मोहम्मद इसराइल निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली
6-अमानतुल्लाह पिता अब्दुल सलाम निवासी जेजे कॉलोनी बवाना दिल्ली
टप्पेबाज गिरोह को पकड़ने वाली जीआरपी टीम
एफआईआर दर्ज होते ही दिल्ली के शातिर टप्पेबाज गिरोह को पकड़ने में निरीक्षक जहीर खान, उपनिरीक्षक मिथलेश भारद्वाज, प्रधान आरक्षक राजेश शर्मा, प्रधान आरक्षक अनिल सिंह, आरक्षक सचिन जाट, ब्रजेश कारपेंटर, मनोज राठौर की सराहनीय भूमिका रही। इस टीम ने सीसीटीवी में दिखाई दे रहे संदेहियों की फरियादी से पहचान पुख्ता होते ही स्टेशन के आसपास घेराबंदी कर दी। नतीजे में अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह पकड़ा जा सका।