भोपाल। प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान, भोपाल में श्री हनुमान जन्म महोत्सव के अवसर पर एकादश श्री हनुमान चालीसा पाठ का भव्य सामूहिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण छाया रहा। कार्यक्रम में संस्थान के सभी आचार्यों एवं एमएड, बीएड के प्रशिक्षार्थियों ने सस्वर एवं संगीतबद्ध शैली में श्री हनुमान चालीसा का अनवरत पाठ किया।
मधुर भक्ति संगीत की धुनों के बीच किया गया यह सामूहिक पाठ अत्यंत भावपूर्ण और आकर्षक रहा। आयोजन में विशेष रूप से श्री हनुमान के जन्म की लीला का मंचन आकर्षण का केंद्र रहा तथा बाल स्वरूप भगवान को पालने में विराजित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान को पालने में झुलाकर कर भक्ति का प्रदर्शन किया।
आयोजन का शुभारंभ संस्थान के संचालक डॉ. रामकुमार स्वर्णकार द्वारा मां सरस्वती, श्री सीताराम दरबार एवं श्री हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है और यह मनुष्य के जीवन में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है। उन्होंने श्री हनुमान जी को कलियुग के संरक्षक के रूप में वर्णित करते हुए धर्म और आस्था के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान भक्तिगीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। अंत में महाआरती कर महाप्रसादी का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान संस्थान परिसर धर्ममयी वातावरण में सराबोर रहा।
