
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि शहर के भीतर संचालित शराब दुकानों के कारण आए दिन विवाद, मारपीट, सड़क दुर्घटनाएं और असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। खासकर शाम और रात के समय नशे में धुत लोग सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करते हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। संगठन का कहना है कि शराब के नशे में अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे शहर का माहौल असुरक्षित होता जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, जिसका युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सामाजिक ताना-बाना भी कमजोर पड़ रहा है।

संगठन ने कलेक्टर से मांग की है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों से सभी शराब दुकानों को तत्काल प्रभाव से बाहर शिफ्ट किया जाए और अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमित जांच अभियान चलाकर ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो शहरभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

ये रहे प्रमुख लोग मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान दीपक ठाकुर, शुभम वेदी, राहुल वेदी, वार्ड-04 पार्षद दीपक थोराड, रोहित चिकारा, आकाश लोधी, रोहित बैरागी, मोहित वंशकार, सुमित गौर, उद्यम सिंह, सोनू परोचे, नीलम सिंह, ध्रुव लोधी, आशीष पटेल, रोहित चांवरिया, पारस लोधी, सूरज कलावत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगठन का कहना
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विरोध करना नहीं, बल्कि शहर में शांति, सुरक्षा और स्वच्छ सामाजिक वातावरण बनाए रखना है, ताकि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित माहौल मिल सके और रायसेन एक व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो।