- एक ही सील, अलग-अलग हस्ताक्षर—जांच दल की कार्यप्रणाली पर पारदर्शिता को लेकर संदेह
छिंदवाड़ा| छिंदवाड़ा में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को विभाग द्वारा “प्रश्नात्मक” बताकर टाल दिया गया, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी 2025 को विशेष जांच दल का गठन कर वाहन चेकिंग एवं राजस्व वसूली अभियान चलाया गया था। इस दौरान जारी चालानों की जानकारी और संबंधित रिकॉर्ड मांगे जाने पर विभाग ने स्पष्ट जानकारी देने के बजाय तकनीकी आधार पर जवाब देने से बचने का प्रयास किया।
सबसे अहम बात यह सामने आई कि चालान रसीदों पर एक ही अधिकारी की सील होने के बावजूद अलग-अलग अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हस्ताक्षर पाए गए। जब इन हस्ताक्षरों के पीछे अधिकृत आदेश, नाम एवं पदनाम की जानकारी मांगी गई, तो विभाग द्वारा कोई ठोस दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी कर्मचारी को वैधानिक अधिकार दिए गए हैं, तो उसका स्पष्ट लिखित आदेश एवं नियमावली होना आवश्यक है। ऐसे में बिना स्पष्ट अभिलेख के कार्यवाही होना प्रशासनिक प्रक्रिया पर प्रश्न खड़े करता है।
इस पूरे मामले को लेकर आवेदक फरहान खान, निवासी छिंदवाड़ा द्वारा राज्य सूचना आयोग, मध्यप्रदेश तथा लोकायुक्त, मध्यप्रदेश में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि, अभी तक किसी ठोस कार्यवाही की जानकारी सामने नहीं आई है।
यह मामला अब केवल एक RTI तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विभागीय पारदर्शिता, जवाबदेही और राजस्व वसूली की प्रक्रिया को लेकर व्यापक सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले समय में संबंधित जांच एजेंसियों की कार्यवाही इस पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट कर सकती है।