- अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर चादर पेश कर अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी

उर्स के मौके पर आयोजित कव्वाली कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुंबई के मशहूर कव्वाल अदनान अजीम नाज़ा और यूसुफ शोला ने अपने शानदार सूफियाना कलाम पेश कर महफिल में समां बांध दिया। देर रात तक चली कव्वाली में लोग झूमते रहे और तालियों की गूंज से पूरा पंडाल गूंज उठा।
इस उर्स की खास बात कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल रही। दरबार में हर धर्म और समाज के लोगों ने पहुंचकर बाबा की दरगाह पर हाजिरी दी और एक साथ मिलकर उर्स मनाया। हिंदू, मुस्लिम, सिख और अन्य समाज के लोगों की मौजूदगी ने आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। लोगों ने कहा कि गुलजार बाबा का दरबार हमेशा से इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे की पहचान रहा है।

कार्यक्रम में आसपास के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन समिति द्वारा रोशनी, बैठने और अन्य व्यवस्थाओं का बेहतर इंतजाम किया गया था। आयोजकों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उर्स शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से सम्पन्न हुआ, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।